2 साल पहले राजस्थान के टोंक जिले में SDM को थप्पड़ मारने वाले युवा नेता नरेश मीणा को SC/ST कोर्ट ने जेल भेज दिया है। मीणा ने गुरुवार दोपहर को टोंक जिले के नगर फोर्ट पुलिस थाने में सरेंडर किया था, जिसके बाद उन्हें कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कोर्ट में पेश किया गया। नरेश की जमानत याचिका पर अब 10 अगस्त को सुनवाई होगी।
इससे पहले राजस्थान हाईकोर्ट ने एसडीएम को थप्पड़ मारने के मामले में नरेश मीणा को सशर्त जमानत दी थी। हालांकि, स्पेशल SC/ST कोर्ट ने जमानत की शर्तों के उल्लंघन का हवाला देते हुए 13 जुलाई 2026 को उनकी जमानत निरस्त कर दी थी।
जेल में बीतेगा जन्मदिन?
सरेंडर से पहले पत्रकारों से बातचीत में मीणा ने कहा कि उनके खिलाफ हत्या के प्रयास का आरोप गलत है और उनके खिलाफ केवल मामूली धाराएं ही लगनी चाहिए थीं। उन्होंने यह भी कहा कि वह संबंधित एसडीएम को पर्सनली नहीं जानते थे और पूरी घटना वीडियो में रिकॉर्ड है। मीणा ने कहा कि लगता है इस बार भी उनका जन्मदिन जेल में ही होगा। एक बार पहले भी उनका जन्मदिन जेल में बीत चुका हैं। नरेश मीणा का जन्मदिन 16 अगस्त को है।
समर्थकों के साथ नगरफोर्ट पहुंचे नरेश मीणा
पुलिस के अनुसार, नरेश मीणा गुरुवार सुबह जयपुर से अपने समर्थकों के साथ नगरफोर्ट पहुंचे। इस दौरान जयपुर-कोटा नेशनल हाईवे पर कई स्थानों पर समर्थकों ने उनका स्वागत किया और नारेबाजी की। सरेंडर के बाद उन्हें करीब 20 मिनट तक नगरफोर्ट थाने में रखा गया और फिर कड़ी सुरक्षा के बीच अदालत ले जाया गया। प्रशासन ने सरेंडर को देखते हुए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए थे।
13 नवंबर 2024 को एसडीएम को मारा था थप्पड़
यह मामला 13 नवंबर 2024 को देवली-उनियारा विधानसभा उपचुनाव के दौरान सामने आया था। प्रशासनिक क्षेत्राधिकार से जुड़ी मांग को लेकर समरावता गांव के लोगों ने मतदान का बहिष्कार किया था। उस समय निर्दलीय प्रत्याशी रहे नरेश मीणा ग्रामीणों के साथ विरोध प्रदर्शन कर रहे थे और इसी दौरान उन्होंने एसडीएम अमित चौधरी को थप्पड़ मार दिया था। घटना के बाद क्षेत्र में हिंसा, आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं हुई थीं।
दरअसल, नरेश मीणा ने आरोप लगाया था कि ईवीएम में उनके चुनाव चिन्ह को काफी हल्का कर दिया गया है। इससे उनके मतदाताओं को वोटिंग करने में परेशानी हो रही है।
कौन हैं नरेश मीणा?
नरेश मीणा कांग्रेस से बगावत करने के बाद निर्दलीय उपचुनाव में उतरे थे। नरेश द्वारा किया गया ये हमला सियासी दुनिया में चर्चा का विषय बन गया। इस मामले के तूल पकड़ने के बाद अधिकारियों के बीच भी नाराजगी थी। इस सीट पर कांग्रेस से कस्तूर चंद मीणा और बीजेपी से राजेंद्र गुर्जर मैदान में थे। इस सीट पर नरेश मीणा कांग्रेस से टिकट की डिमांड कर रहे थे लेकिन टिकट नहीं मिलने के चलते वह निर्दलीय चुनाव लड़ रहे थे।
(इनपुट- PTI)
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