मेटा (पूर्व फेसबुक) की एक एम्प्लॉई की पोस्ट सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है। अनाम महिला कर्मचारी ने ब्लाइंड ऐप पर लिखा कि कंपनी में लगातार छंटनी के डर के कारण उन्होंने बच्चे पैदा करने का विचार ही छोड़ दिया है। पोस्ट वायरल होने के बाद टेक इंडस्ट्री में जॉब सिक्योरिटी और पर्सनल लाइफ के बीच के संघर्ष पर बहस छिड़ गई है। बता दें कि, मेटा में छंटनी के कारण कर्मचारियों का मनोबल पूरी तरह से गिर चुका है। कंपनी ने परफॉर्मेंस के आधार पर अंतिम दौर में लगभग 3,600 लोगों को लिकाला था।
‘मैंने बच्चे पैदा करने का विचार छोड़ दिया…’
एक्स पर @JoinBlind हैंडल से एक पोस्ट का स्क्रीनशॉट शेयर किया गया है। इसमें मेटा की कर्मचारी ने कहा कि छंटनी के लगातार डर के कारण वह बच्चे पैदा करने की योजना नहीं बना सकती। गौरतलब है कि, महिला ने ब्लाइंड नामक एक गुमनाम पेशेवर नेटवर्किंग और चर्चा ऐप पर अपनी पोस्ट में दावा किया जहां सत्यापित कॉर्पोरेट कर्मचारी कार्यस्थल संस्कृति, वेतन और छंटनी के बारे में बात करते हैं। आगे पोस्ट में लिखा कि, ‘यह सोचना भी अजीब है कि मैं यह लिख रही हूं, लेकिन अपने पति से बात करने के बाद, आखिरकार मुझे यह एहसास हुआ… मुझे मेटा में रहते हुए बच्चा पैदा करने की उम्मीद छोड़नी होगी।’
‘फैमिली प्लानिंग असंभव’
महिला ने इस फैसले का कारण जॉब इनसिक्योरिटी बताया। उसने दावा किया कि मैटरनिटी लीव से लौटने पर उसकी नौकरी बनी रहेगी या नहीं, इसकी कोई गारंटी नहीं है। लिखा कि, ‘इस बात की बिल्कुल भी गारंटी नहीं है कि अगले साल तक मैं यहां कार्यरत रहूंगी,मैटरनिटी लीव से लौटने के समय तक तो बिल्कुल भी नहीं। कंपनी की कार्यशैली, पूरी तरह से अस्थिर आर्थिक स्थिति और नौकरी की सुरक्षा की पूर्ण कमी ने फैमिली प्लानिंग को असंभव बना दिया है।’ अंत में लिखा कि, ‘दु:ख की बात यह है कि मेरी जैविक घड़ी टिक-टिक कर रही है और बहुत तेजी से टिक-टिक कर रही है। क्या होगा अगर इस बेकार नौकरी की वजह से मैं कभी बच्चे पैदा न कर पाऊं?’
यूजर्स ने दी प्रतिक्रियाएं
इस पोस्ट ने वर्क लाइफ बैलेंस और घटती जन्म दर के बारे में एक चर्चा को जन्म दिया। एक यूजर ने लिखा कि, ‘ऐसा लंबे समय से होता आ रहा है। इसी वजह से जन्म दर कम है।’
दूसरे यूजर ने लिखा कि, ‘नौकरी की सुरक्षा कितनी अस्थिर हो सकती है, इस पर बहुत कम चर्चा होती है। अगर आपको 30 साल की उम्र में मेटा से निकाल दिया जाता है, तो आपकी सालाना सैलरी में 2 लाख डॉलर तक की कमी आ सकती है, और आपको सीधे फास्ट फूड रेस्टोरेंट में काम करना पड़ सकता है। यह चिंता मध्यम वर्ग की महिलाओं को विशेष रूप से बुरी तरह प्रभावित करती है।’
कई लोगों ने मेटा की कर्मचारी को सलाह दी कि वह पेशेवर चिंताओं के कारण अपने निजी जीवन को दांव पर न लगाए। यूजर ने लिखा कि, ‘याद रखें, आप अपनी संस्था की एक्सेल शीट पर सिर्फ एक संख्या हैं। वे अपनी मर्जी से उस संख्या को हटा सकते हैं और इस पर आपका कोई नियंत्रण नहीं है।’
गौरतलब है कि, इससे पहले एक शख्स ने अमेरिका में 1 करोड़ पैकेज वाली जॉब की सच्चाई के बारे में बताया था।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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