सीधी: सिहावल जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम डिहुली नंबर-4 स्थित प्राथमिक विद्यालय में पदस्थ शिक्षक दिनेश प्रसाद कोल पर शराब के नशे में स्कूल आने और परिसर में ही शराब पीने के आरोप लगे हैं। गुरुवार को गांव के निवासी गयासुद्दीन अंसारी द्वारा बनाया गया वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ।
स्कूल के कमरे में लेटे मिले टीचर
वीडियो वायरल होने के बाद पड़ताल करने पर शिक्षक दिनेश प्रसाद कोल स्कूल के कमरे में लेटे मिले। पूछने पर उन्होंने शराब पीने से इनकार करते हुए कहा कि उनका ब्लड प्रेशर बढ़ गया है। हालांकि कुछ देर बाद वे लड़खड़ाते हुए ब्लैकबोर्ड पर बच्चों को पढ़ाने पहुंचे और जिला कलेक्टर विकास मिश्रा की जगह “मनीष मिश्रा” लिख दिया।

Image Source : REPORTER INPUTनशे में धुत टीचर।
बच्चों ने खोली टीचर की पोल
स्कूल के बच्चों ने बताया कि शिक्षक अक्सर शराब पीकर स्कूल आते हैं। उनका कहना था कि कई बार वे कक्षा में ही गिर जाते हैं, कभी बच्चों के ऊपर गिर पड़ते हैं और कभी उल्टी भी कर देते हैं। बच्चों के अनुसार, इसी वजह से कई अभिभावकों ने अपने बच्चों का स्कूल आना बंद कर दिया है।
200 बच्चे थे, अब सिर्फ 28… अभिभावकों ने छुड़वाया स्कूल
स्कूल के दूसरे शिक्षक अशोक कुमार शर्मा ने दावा किया कि पिछले दो वर्षों से वे इस स्थिति को देख रहे हैं। उन्होंने बताया कि संबंधित शिक्षक महीने में मुश्किल से दो-तीन दिन ही स्कूल आते हैं और अधिकांश समय नशे में रहते हैं। इस संबंध में कई बार संकुल प्राचार्य और बीआरसी कार्यालय में शिकायत तथा उपस्थिति का रिकॉर्ड भी दिया गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वास्तविक उपस्थिति कम होने के बावजूद पूरा वेतन जारी किया जाता रहा। उनके अनुसार, पहले स्कूल में करीब 200 बच्चे थे, जो अब घटकर 28 रह गए हैं।
देखें वीडियो-
संकुल प्राचार्य ने क्या कहा?
संकुल प्राचार्य सुरेश प्रसाद कोल ने स्वीकार किया कि उन्होंने वायरल वीडियो देखा है। उनका कहना है कि शिक्षक को कई बार समझाया गया, लेकिन सुधार नहीं हुआ। वहीं एसीएस दिवाकर प्रसाद शुक्ला ने कहा कि उन्हें संकुल से भेजी गई उपस्थिति के आधार पर वेतन जारी होता है। प्रारंभिक जानकारी में संबंधित शिक्षक के केवल चार दिन स्कूल आने की बात सामने आई है, जबकि पूरी उपस्थिति भेजी गई थी। उन्होंने मामले की जांच कराने की बात कही।
डॉक्टर की सलाह पर पीता हूं शराब- टीचर
वहीं, शिक्षक दिनेश प्रसाद कोल ने स्वीकार किया कि वे कभी-कभार शराब पीते हैं। उनका दावा है कि वे बीपी के मरीज हैं और एक डॉक्टर की सलाह पर शराब का सेवन करते हैं। साथ ही उन्होंने यह भी माना कि वे शराब की बोतल स्कूल लेकर आते हैं। अब पूरे मामले में शिक्षा विभाग की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।
बता दें कि पिछले महीने ही धार जिले से भी ऐसा ही एक मामला सामने आया था। यहां एक महिला टीचर शराब के नशे की टल्ली होकर स्कूल पहुंच गई। स्कूल में कुछ मजदूर काम कर रहे थे, जिनके साथ महिला टीचर की बहसबाजी का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था।
(रिपोर्ट- मनोज शुक्ला)
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