Highlights
- बालोच पीपुल्स कांग्रेस ने पाकिस्तान पर सूडान को हथियार भेजने का गंभीर आरोप लगाया।
- संगठन ने संयुक्त राष्ट्र और अफ्रीकी संघ से स्वतंत्र जांच कराए जाने की मांग की।
- संगठन का दावा, हथियारों के निर्यात से सूडान संघर्ष और पाकिस्तान सेना दोनों को बढ़ावा।
बालोच पीपुल्स कांग्रेस और उससे जुड़े बालोच, पश्तून तथा सिंधी संगठनों और कार्यकर्ताओं ने पाकिस्तान की सेना पर सूडान को हथियार और सैन्य उपकरण भेजने का आरोप लगाया है। संगठन का दावा है कि इन कथित हथियारों की आपूर्ति से सूडान में जारी संघर्ष और गंभीर हो सकता है, जबकि इससे मिलने वाला पैसा पाकिस्तान की सैन्य गतिविधियों को भी मजबूत कर सकता है। BPC ने एक बयान में कहा कि हाल ही में पाकिस्तान में बने मोहाफिज-वी (Mohafiz-V) बख्तरबंद वाहन को सूडान की सैन्य परेड में देखा गया। संगठन के मुताबिक, यह पहली बार है जब इस वाहन की मौजूदगी सार्वजनिक रूप से सामने आई है।
कई बड़े पाकिस्तानी हथियार पहुंचे सूडान?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह वाहन पाकिस्तान की सरकारी कंपनी हेवी इंडस्ट्रीज टैक्सिला यानी कि HIT की सहायक कंपनी एचआईटी आर्मर बनाती है। संगठन ने आरोप लगाया कि बख्तरबंद गाड़ियों की यह सप्लाई एक बड़े सैन्य सहयोग का हिस्सा हो सकती है। इसके तहत YIHA-III आत्मघाती ड्रोन, शाहपर-2 ड्रोन, के-8 कराकोरम विमान और चीन में बने एयर डिफेंस सिस्टम भी शामिल होने की खबरें हैं। BPC ने यह भी दावा किया कि कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि यह सैन्य उपकरण सऊदी अरब के रास्ते सूडान पहुंचे, हालांकि इस कथित सौदे का आकार और इसकी फंडिंग को लेकर स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है।
पाकिस्तान पर BPC ने लगाए और भी आरोप
BPC के मुताबिक, कुछ विशेषज्ञ रिपोर्टों में कहा गया है कि करीब 1.5 अरब अमेरिकी डॉलर का प्रस्तावित हथियार सौदा सऊदी अरब द्वारा वित्तीय समर्थन वापस लेने के बाद रुक गया था। हालांकि संगठन का कहना है कि सूडान में पाकिस्तानी सैन्य उपकरणों के दिखाई देने से लगता है कि इस सहयोग का कम से कम कुछ हिस्सा लागू हो चुका है। संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि पाकिस्तान की सेना पहले भी बालोच और पश्तून क्षेत्रों में नागरिकों के खिलाफ उन्नत हथियारों का इस्तेमाल करती रही है। BPC का दावा है कि हथियारों के निर्यात से मिलने वाले पैसे का इस्तेमाल बालोच, सिंधी और पश्तूनों के खिलाफ ज्यादती में किया जा सकता है।
सूडान में जारी लड़ाई में अब तक हजारों की मौत
BPC ने सूडान की मानवीय स्थिति पर भी चिंता जताई। संगठन के अनुसार, अप्रैल 2023 में शुरू हुए संघर्ष में अब तक हजारों लोगों की मौत हो चुकी है और लाखों लोग विस्थापित हुए हैं। हाल ही में ड्रोन हमलों में सूडान में 77 लोगों की मौत की खबर सामने आई थी। उसका कहना है कि यदि सूडान में और सैन्य उपकरण पहुंचते हैं तो इससे संघर्ष और तेज हो सकता है तथा शांति प्रयासों को नुकसान पहुंच सकता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील करते हुए BPC ने कथित पाकिस्तानी हथियारों की सप्लाई को तुरंत रोकने की मांग की है। संगठन ने इस कथित सैन्य सहयोग, उसकी फंडिंग और उसमें शामिल बिचौलियों की स्वतंत्र जांच कराने की भी मांग की है। (ANI से इनपुट्स के साथ)
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