बुरहानपुर: बुरहानपुर की रहने वाली दीपाली माने की गोदभराई के 4 दिन बाद हत्या के मामले में उसके फौजी पति और ससुराल पक्ष के कुछ लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वहीं दीपाली के परिजनों ने आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग की है।
मध्य प्रदेश के बुरहानपुर की रहने वाली दीपाली हत्या के वक्त 7 माह की गर्भवती थी। मृतका की पहचान दीपाली माने के रूप में हुई है, जिसकी शादी करीब एक साल पहले वाशिम निवासी सेना के जवान ध्यानेश्वर मदने से हुई थी। परिजनों का आरोप है कि शादी के करीब तीन महीने बाद से ही पति उसे प्रताड़ित करने लगा था।
शादी के तीन महीने बाद प्रताड़ना शुरू
बताया जाता है कि शादी के तीन महीने तक तो सबकुछ ठीक ठाक चला। लेकिन शादी के तीन महीने बाद आरोपी पति ध्यानेश्वर मदने ने अपनी कोलकाता पोस्टिंग के दौरान पत्नी को प्रताडित करना शुरू कर दिया। हालांकि दीपाली माने पति की इन ज्यादतियों को नजरअंदाज करती चली गई। लेकिन हद तो तब हो गई जब उसे फिनाईल पिला कर फांसी के फंदे पर लटकाने की नाकाम कोशिश की गई। आरोपी फौजी पति ने दीपाली का मोबाइल भी तोड़ डाला।
पीडिता ने पूरा माजरा अपने परिवार वालों को बताया। इसके बाद दोनों परिवार के सदस्यों ने मिलजुल कर सुलह कराई और मामले को शांत कराया। आरोपी पति ध्यानेश्वर मदने के पिता ने अपने समधि अनिल माने को यह विश्वास दिलाया की अब यह मेरी जिम्मेदारी है, कुछ नहीं होगा । इस भरोसे दीपाली माने एक नए भरोसे के साथ अपने ससुराल में रहने लगी।
इसी बीच दीपाली के गर्भवती होने के सात महीने बीतने पर परिवार गोदभराई के लिए 2 अगस्त को महाराष्ट्र के वाशिम गया। वहां सारे विधि विधान से कार्यक्रम हुए। मायके पक्ष ने दीपाली को बुरहानपुर ले जाने का आग्रह किया लेकिन ससुराल वालों ने मना कर दिया। अचानक दीपाली के परिवार को 6 अगस्त को सूचना मिली की उनकी बेटी गिर कर घायल हो गई जब परिवार के लोग वाशिम पहुंचे तो पुलिस ने बताया उनकी बेटी की हत्या हो गई है।
दीपाली के परिवारवालों की शिकायत पर आरोपी फौजी पति ध्यानेश्वर मदने, पिता नंदु मदने, माता इंदु मदने के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओ में केस दर्ज कर पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर लिया है। अब परिवार चाहता है इस अमानवीय कृत पर आरोपियों को फांसी जैसी कठोर से कठोर सजा दी जाए ताकि समाज में यह नजीर बने। स्थानीय पार्षद ने भी अपने वार्ड की इस होनहार बालिका की इस अमानवीय रूप से हत्या पर दुख जताते हुए देश की न्याय व्यवस्था से कठोर से कठोर सजा देने की मांग की है।









