बांग्लादेश में दौड़ेगी ‘मेड इन इंडिया’ ट्रेन! कपूरथला फैक्ट्री में तैयार हुई 20 LHB कोच वाली रेक

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भारत की रेलवे तकनीक और कोच निर्माण क्षमता का एक और शानदार उदाहरण सामने आया है। पंजाब के कपूरथला स्थित रेल कोच फैक्ट्री (RCF) से बांग्लादेश रेलवे के लिए 20 LHB कोच वाली पहली रेक तैयार होकर रवाना होने जा रही है। खास बात यह है कि इन कोचों में कई ऐसे डिजाइन और तकनीकी बदलाव किए गए हैं, जिन्हें पहली बार LHB कोच में शामिल किया गया है।

बांग्लादेश रेलवे के लिए तैयार की गई इस पहली रेक में कुल 20 LHB ब्रॉड गेज पैसेंजर कोच हैं। इनमें 3 AC स्लीपर कोच, 3 AC चेयर कार, 12 नॉन-AC चेयर कार और 2 पावर कोच शामिल हैं। इन कोचों में यात्रियों की जरूरत और बांग्लादेश रेलवे की आवश्यकताओं के अनुसार कई खास बदलाव किए गए हैं। RCF के मुताबिक, इनमें कई डिजाइन फीचर्स और मॉडिफिकेशन ऐसे हैं, जिन्हें पहली बार LHB टाइप कोच में विकसित किया गया है।

भारत और बांग्लादेश के बीच पुरानी साझेदारी

RCF कपूरथला और बांग्लादेश रेलवे का रिश्ता नया नहीं है। दोनों के बीच सहयोग की शुरुआत 2015-16 में हुई थी, जब RCF ने बांग्लादेश रेलवे को 120 LHB ब्रॉड गेज यात्री कोच की सफलतापूर्वक आपूर्ति की थी। इस कामयाब साझेदारी के बाद बांग्लादेश रेलवे ने एक बार फिर RCF पर भरोसा जताया। साल 2024 में RITES के जरिए RCF को 200 ब्रॉड गेज पैसेंजर कोच बनाने का बड़ा ऑर्डर दिया गया। ये कोच 7 अलग-अलग वेरिएंट में तैयार किए जाने हैं।

रेलवे के लिए बड़ी उपलब्धि

20 कोच वाली पहली रेक का रोलआउट भारतीय रेलवे और RCF के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। यह सिर्फ एक विदेशी ऑर्डर पूरा करने की उपलब्धि नहीं है, बल्कि भारत की डिजाइन, इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को भी दिखाता है। ‘मेड इन इंडिया’ कोचों की यह खेप भारत की रेलवे तकनीक को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में मदद करेगी। साथ ही, इससे भविष्य में दूसरे देशों से भी भारतीय रेलवे कोच और तकनीक के लिए नए ऑर्डर मिलने के रास्ते खुल सकते हैं।

भारत-बांग्लादेश रेल सहयोग होगा मजबूत

इस रेक के सफल रोलआउट से दोनों देशों के बीच रेलवे क्षेत्र में सहयोग और मजबूत होने की उम्मीद है। RCF की यह उपलब्धि भारत के लिए रेलवे एक्सपोर्ट और अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी जगह मजबूत करने की दिशा में भी अहम कदम है। आने वाले समय में भारतीय रेलवे के लिए ऐसे अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट नए अवसर पैदा कर सकते हैं।

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