पेट्रोल में इथेनॉल के बाद अब CNG में बायोगैस मिलाने की तैयारी, चालू वित्त वर्ष में होगी 3% की ब्लेंडिंग

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

[ad_1]

केंद्र सरकार ने पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने के बाद अब सीएनजी में बायोगैस मिलाने की तैयारियां भी तेज कर दी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गुरुवार को 23,731 करोड़ रुपये की लागत वाली गोबरधन योजना को मंजूरी दे दी। इस योजना के तहत, भारी मात्रा में उपलब्ध कृषि अवशेषों, पशुओं के गोबर, गन्ने की खोई, नगरपालिका के जैविक कचरे और अन्य जैव-द्रव्यमान संसाधनों को स्वच्छ ईंधन, जैविक खाद, ग्रामीण आय और राष्ट्रीय आर्थिक मूल्य में बदला जाएगा।

कंप्रेस्ड बायोगैस के उत्पादन को लगभग 10 गुना बढ़ाने का लक्ष्य

सरकार के इस कदम का उद्देश्य घरेलू कंप्रेस्ड बायोगैस के उत्पादन को लगभग 10 गुना बढ़ाना, बड़े पैमाने पर निजी निवेश को आकर्षित करना, पूरे देश में एक जीवंत चक्रीय जैव-अर्थव्यवस्था का निर्माण करना और ऊर्जा के आयात पर निर्भरता को कम करना है। गोबरधन योजना वित्त वर्ष 2026-27 से वित्त वर्ष 2035-36 तक लागू की जाएगी और कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) को भविष्य के ऊर्जा मिश्रण का एक प्रमुख आधार स्थापित करेगी।

मौजूदा इंफ्रा में किसी बड़े बदलाव की नहीं पड़ेगी जरूरत

कम्प्रेस्ड बायोगैस एक रिन्यूएबल फ्यूल है जो ऑर्गेनिक वेस्ट से तैयार किया जाता है। बायोगैस को प्रोसेस कर CNG में मिलाया जाएगा। इसके लिए इंफ्रा और गाड़ियों में कोई खास बदलाव करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसे सीधे प्लांट से मौजूदा पाइपलाइन के माध्यम से ही पंपों पर भेजा जाएगा और फिर गाड़ियों में डाला जाएगा।

NBCC ने CBG की अनिवार्य ब्लेंडिंग को दी मंजूरी

Indian Oil की वेबसाइट से मिली जानकारी के मुताबिक, देश में CBG के प्रोडक्शन और इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए, नेशनल बायोफ्यूल्स कोऑर्डिनेशन कमिटी (NBCC) ने सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर के CNG (ट्रांसपोर्ट) और PNG (घरेलू) सेगमेंट में CBG की अनिवार्य ब्लेंडिंग को चरणबद्ध तरीके से लागू करने की मंजूरी दी है। 

CNG, CBG

Image Source : INDIAN OILइंडियन ऑयल

चालू वित्त वर्ष में सीएनजी में मिलाई जाएगी 3 प्रतिशत बायोगैस

अनिवार्य ब्लेंडिंग की शुरुआत वित्त वर्ष 2025-26 में 1 प्रतिशत की मिलावट के साथ शुरू हो चुकी है। चालू वित्त वर्ष में सीएनजी में 3 प्रतिशत बायोगैस मिलाई जाएगी। अगले वित्त वर्ष 2027-28 में इसे बढ़ाकर 4 प्रतिशत और फिर वित्त वर्ष 2028-29 में 5 प्रतिशत किया जाएगा। 

ये भी पढ़ें

पश्चिम बंगाल के 7वें वेतन आयोग में कई नियम और शर्तें शामिल, कर्मचारियों को मिलेगी केंद्रीय कर्मचारियों जितनी सैलरी



[ad_2]

Source link

Kaushal kumar
Author: Kaushal kumar

Leave a Comment

और पढ़ें