छत्तीसगढ़ में सरगुजा के अंबिकापुर से आयुष्मान योजना में बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां एक मृत सिपाही का आयुष्मान कार्ड से मौत के बाद भी इलाज चलता रहा। सिपाही की अस्पताल में भर्ती होने के महज 4 दिन बाद मौत हो गई थी, लेकिन आयुष्मान योजना के रिकॉर्ड में कथित तौर पर उनका इलाज 42 दिन तक चलता रहा। हैरानी की बात ये है कि देवनारायण राम की मौत के 38 दिन बाद उनकी पत्नी के मोबाइल पर मैसेज आया- ‘आप स्वस्थ होकर घर जा रहे हैं।’ अब मृतक की पत्नी ने मामले में जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
मृत्यु प्रमाण पत्र जारी होने के बाद भी चल रहा था इलाज
ये मामला अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल से जुड़ा है। जानकारी के मुताबिक, सिपाही देवनारायण राम को उनकी पत्नी सीमा कुजूर 26 जून को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल, अंबिकापुर लेकर पहुंची थीं। अस्पताल में इलाज के महज 4 दिन बाद 30 जून को सिपाही देवनारायण राम की मौत हो गई थी। परिवार को अस्पताल की ओर से आधिकारिक मृत्यु प्रमाण पत्र भी जारी किया गया था।

Image Source : REPORTERS INPUTआयुष्मान योजना से जुड़ा मैसेज आने के बाद सामने आई गड़बड़ी।
मौत के 38 दिन बाद तक किया जाता रहा उपचार
लेकिन इसके बाद आयुष्मान योजना के रिकॉर्ड को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। आरोप है कि रिकॉर्ड में मृत सिपाही को मौत के बाद भी करीब 38 दिनों तक अस्पताल में भर्ती और इलाजरत दिखाया जाता रहा।
आयुष्मान योजना से जुड़ा मैसेज आने के बाद खुली पोल
गौरतलब है कि ये मामला तब सामने आया जब देवनारायण राम की मौत के 38 दिन बाद उनकी पत्नी के मोबाइल पर आयुष्मान योजना से जुड़ा मैसेज आया। मैसेज में लिखा था- ‘आप स्वस्थ होकर घर जा रहे हैं।’ उस मैसेज में ये भी लिखा था कि देवनारायण राम को 26 जून को रात 12 बजे भर्ती कराया गया था। इसके बाद उन्हें डिस्चार्ज 6 अगस्त को दोपहर 2 बजकर 38 मिनट पर डिस्चार्ज किया गया। अस्पताल में भर्ती रहने की अवधि 42 दिन रही।
मृत सिपाही की पत्नी ने की कार्रवाई की मांग
जिस व्यक्ति की 38 दिन पहले ही मौत हो चुकी थी, उसके नाम पर इस तरह का मैसेज आने से परिवार भी हैरान रह गया। अब मृतक की पत्नी सीमा कुजूर ने पूरे मामले की जांच और जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
(इनपुट- सिकंदर खान)
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