महाराष्ट्र के नासिक जिले के त्र्यंबकेश्वर क्षेत्र के पेगलवाडी और गोहिरेवाडी गांव के छात्रों ने सड़कों की बदहाली को उजागर करने का अनोखा तरीका अपनाया। उन्होंने पानी की बोतल को माइक्रोफोन बनाकर ग्राउंड रिपोर्टिंग की, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई। अब Gen Alpha के बच्चे अपने अनोखे अंदाज में जनजागरूकता का संदेश देते नजर आ रहे हैं। वीडियो में छात्र बोतल को माइक की तरह पकड़कर सड़क के गड्ढों, कीचड़ और खराब हालत को दिखाते नजर आते हैं। वे बताते हैं कि बारिश के मौसम में सड़कें और बदतर हो जाती हैं, जिससे स्कूल जाने और रोजमर्रा की आवाजाही में दिक्कत होती है।
Gen Alpha की जागरुकता
यह वीडियो Gen Alpha पीढ़ी की जागरूकता को दर्शाता है। सोशल मीडिया यूजर्स ने छात्रों की तारीफ की और कहा कि ये बच्चे असली मुद्दों पर ध्यान दिला रहे हैं। कई लोगों ने प्रशासन से सड़कों की मरम्मत की मांग की। त्र्यंबकेश्वर जैसे धार्मिक और पर्यटन स्थल के पास सड़कों की खराब हालत लंबे समय से शिकायत का विषय रही है। छात्रों की इस पहल ने स्थानीय प्रशासन का ध्यान खींचा है। उम्मीद है कि उनकी आवाज से सड़कों की मरम्मत का काम तेज होगा। यह घटना साबित करती है कि छोटी उम्र के बच्चे भी सामाजिक मुद्दों को रचनात्मक तरीके से उठा सकते हैं।
जब छाते को माइक बना पत्रकार बनीं छात्राएं
पिछले दिनों महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के कोंडीवडे गांव की तीन 15 वर्षीय छात्राओं ने खराब सड़क की समस्या को अनोखे अंदाज में उठाया। गड्ढों और कीचड़ से परेशान इन लड़कियों ने छाते को माइक्रोफोन बनाकर व्यंग्यात्मक ग्राउंड रिपोर्टिंग का वीडियो बनाया। वीडियो में वे सड़क की बदहाली दिखाते हुए रिपोर्टिंग करती नजर आ रही थीं। बारिश में गड्ढे पानी से भर जाते थे, जिससे आवाजाही मुश्किल हो जाती थी। यह क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। जनता और प्रशासन का ध्यान आकर्षित होने के बाद सड़क की मरम्मत का काम शुरू हो गया। छात्राओं की इस रचनात्मक पहल की व्यापक तारीफ हुई और यह Gen Alpha की जागरूकता का उदाहरण बन गया।
(नासिक से चिराग शर्मा की रिपोर्ट)
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