खरगे ने सदन में उठाया हल्द्वानी के शुद्धिकरण का मुद्दा, नड्डा ने जवाब में कहा- खेद की बात, हम जांच कराएंगे

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संसद के मानसून सत्र का आज आखिरी दिन है। राज्यसभा में विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच गहमागहमी बनी हुई है। राज्यसभा की कार्रवाही शुरू होते ही कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने उत्तरखांड के हल्द्वानी में भाषण के बाद हुए शुद्धिकरण का मुद्दा उठाया है। भाजपा से जेपी नड्डा ने खरगे के शुद्धिकरण के आरोपों का जवाब दिया है।

राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, ‘मैं हल्द्वानी में था, जहां मैंने रामलीला मैदान में एक जनसभा को संबोधित किया। वहां लाखों लोग मौजूद थे। उस समय मैंने किसी समुदाय या धर्म का नाम नहीं लिया। मैंने केवल सरकार से जुड़े मुद्दों को दोहराया। लेकिन मेरे भाषण के बाद, बीजेपी के लोगों ने उस मंच को ‘शुद्ध’ करने के लिए वहां हवन किया। क्या लोकतंत्र में ऐसा होता है? आप संविधान की रक्षा कैसे कर रहे हैं? मैं विपक्ष का नेता हूं।’

राज्यसभा में सदन के नेता और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे को जवाब देते हुए कहा, ‘खरगे जी ने जो कहा वह वाकई दुखद है। न सिर्फ कांग्रेस पार्टी के लिए बल्कि हम सभी के लिए दुखद है। बीजेपी ऐसी गतिविधियों का समर्थन नहीं करती है। कभी नहीं करती है। लेकिन हम इसकी जांच करेंगे। मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि वहां जो कुछ भी हुआ, उसकी निश्चित रूप से जांच की जाएगी। लेकिन मैं यह साफ करना चाहता हूं कि बीजेपी ऐसी गतिविधियों का समर्थन नहीं करती। मैं इसकी निंदा करता हूं। राष्ट्रीय अध्यक्ष इस मामले को देखेंगे। यह हम सभी के लिए बहुत खेद की बात है कि आपकी भावनाएं आहत हुईं हैं।’

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में हुई ‘विजय शंखनाद रैली’ के बाद अब शुद्धिकरण यज्ञ को लेकर सियासत गरमा गई है। खरगे की रैली के बाद श्रीराम सेना की ओर से रामलीला मैदान में कराए गए कथित ‘शुद्धिकरण यज्ञ’ को लेकर कांग्रेस ने कड़ा विरोध जताया है। कांग्रेस ने इस आयोजन को दलित और पिछड़ा वर्ग विरोधी मानसिकता का परिचायक बताते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। 

स्थानीय कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि लोकतांत्रिक तरीके से आयोजित राजनीतिक कार्यक्रम के बाद इस तरह का आयोजन सामाजिक भेदभाव की मानसिकता को दर्शाता है। खरगे की रैली के बाद शुरू हुआ यह विवाद अब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का रूप ले चुका है। कांग्रेस जहां इस मामले को सामाजिक समानता और सम्मान से जोड़कर कार्रवाई की मांग कर रही है। 

शुद्धिकरण का ये मुद्दा अब देश की संसद तक पहुंच गया है, जिसे पार्टी अध्यक्ष खरगे ने सदन में खुद उठाया है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे को लेकर सियासत और गरमाने के आसार हैं।

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Author: Kaushal kumar

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