छत्तीसगढ़ के सरगुजा में पुलिस अधिकारियों पर एक करोड़ रुपये की कथित वसूली के आरोप लगे हैं। आरोप लगाने वाले लोग खुद साइबर ठग हैं। उनका कहना है कि पुलिसकर्मियों ने केस में धाराएं कम करने और जल्द चालान पेश करने के लिए पैसे लिए। यह पैसे हवाला के जरिए लिए गए। आरोप लगाने वालों ने अपनी बात के समर्थन में एक ऑडियो भी जारी किया है। इसके बाद आरोपी एएसआई और आरक्षक को सस्पेंड कर दिया गया है। वहीं, अन्य अधिकारियों से जवाब मांगा गया है।
मामला अंबिकापुर में हुई साइबर ठगी से जुड़ा है। इस मामले की जांच कर रहे ट्रेनी आईपीएस राहुल बंसल समेत पुलिसकर्मियों पर आरोप है कि केस में धाराएं कम करने और जल्द चालान पेश करने के एवज में हवाला के जरिए एक करोड़ रुपए की मांग की गई। मामले से जुड़ा कथित ऑडियो सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मचा है।
निवेश के नाम पर हुई थी ठगी
शिकायतकर्ता रवि मोहन गोस्वामी के मुताबिक, उन्होंने मनी ट्रेड 365 और स्काई ट्रेड एप के जरिए 17-18 बैंक खातों में 84 किश्तों में करीब 20 लाख 15 हजार रुपए निवेश किए थे। एप बंद होने के बाद ठगी का पता चला और रेंज साइबर थाना अंबिकापुर में बीएनएस की धारा 318(4), 3(5) और 66D के तहत अपराध दर्ज हुआ। मामले की जांच नगर पुलिस अधीक्षक राहुल बंसल के नेतृत्व में हुई। जांच के दौरान देश के अलग-अलग राज्यों से 23 आरोपियों की गिरफ्तारी भी की गई। इसी बीच आरोपी पक्ष ने सीबीआई कोर्ट में पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। कोर्ट ने सीबीआई, राहुल बंसल, एएसआई प्रवीण कुमार राठौर और आरक्षक अंशुल शर्मा को नोटिस जारी कर जवाब मांगा।
आरक्षक अंशुल शर्मा पर पैसे मांगने का आरोप
अब कथित ऑडियो में एक करोड़ रुपए की मांग और दो किस्तों में 50-50 लाख रुपए हवाला के जरिए लेने के आरोप सामने आए हैं। आरक्षक अंशुल शर्मा पर अलग से रुपए मांगने का भी आरोप है। आईजी दीपक कुमार झा ने कहा कि एक करोड़ रुपए के लेनदेन के आरोप के समर्थन में अब तक कोई सबूत पेश नहीं किया गया है। वहीं रुपए मांगने की बातचीत से जुड़े वीडियो सामने आने के बाद एएसआई और आरक्षक को तत्काल निलंबित कर दिया गया है। आईजी के मुताबिक, जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर विभागीय कार्रवाई के साथ एफआईआर भी दर्ज की जाएगी। अब सवाल यही है कि कथित एक करोड़ रुपए के लेनदेन और वायरल ऑडियो की जांच में क्या सच सामने आता है, यह आने वाला वक्त बताएगा।
(अंबिकापुर से सिकंदर खान की रिपोर्ट)
यह भी पढ़ें-
आयुष्मान कार्ड के जरिए फर्जीवाड़ा? मौत के 38 दिन बाद मैसेज आया- ‘आप स्वस्थ होकर घर जा रहे हैं’









