तेज रफ्तार ट्रक ने छीनी जान, दिल्ली ट्रिब्यूनल ने परिवार के हक में सुनाया फैसला, मिलेगा 32.74 लाख रुपये मुआवजा

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दिल्ली में सड़क हादसे में जान गंवाने वाले 49 वर्षीय बाइक सवार के परिवार को बड़ी राहत मिली है। मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल ने ट्रक चालक को हादसे के लिए लापरवाही और गंभीर चूक का जिम्मेदार माना। ट्रिब्यूनल ने मामले की सुनवाई करते हुए मृतक के परिवार को 32.74 लाख रुपये से अधिक का मुआवजा देने का आदेश दिया है। साल 2023 में हुए इस हादसे में तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक को पीछे से टक्कर मार दी थी।

तेज रफ्तार ट्रक ने मारी टक्कर

प्रेसाइडिंग ऑफिसर मनीष शर्मा मामले की सुनवाई कर रहे थे। परिवार द्वारा दाखिल क्लेम याचिका पर सुनवाई के दौरान ट्रिब्यूनल ने 5 अगस्त के आदेश में ट्रक चालक को हादसे के लिए जिम्मेदार ठहराया। ट्रिब्यूनल के मुताबिक, 19 जनवरी 2023 की रात मुकेश कुमार मोटरसाइकिल से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान दिल्ली के सोनिया विहार इलाके में एक टाटा ट्रक ने उनकी बाइक को पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में उन्हें गंभीर चोटें आईं और जीटीबी अस्पताल (GTB Hospital) में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

मृतक के परिवार ने दायर की थी याचिका

मुकेश कुमार के परिवार में उनकी पत्नी, दो बेटे, दो बेटियां और मां हैं। इन सभी ने मिलकर मुआवजे के लिए क्लेम याचिका दायर की थी। परिवार का कहना था कि मुकेश कुमार एक छोटा होटल चलाते थे और उनकी मासिक आय करीब 45,000 रुपये थी।

हालांकि, ट्रक चालक और मालिक ने हादसे में अपनी लापरवाही से इनकार किया। उन्होंने दुर्घटना में ट्रक के शामिल होने पर भी सवाल उठाया। वहीं, बीमा कंपनी ने दावा किया कि हादसे के समय मृतक शराब के नशे में था और दुर्घटना के लिए वह खुद जिम्मेदार था।

प्रत्यक्षदर्शी की गवाही बनी अहम

ट्रिब्यूनल ने एक प्रत्यक्षदर्शी की गवाही पर भरोसा किया। गवाही के आधार पर माना गया कि हादसा ट्रक चालक की तेज और लापरवाही से वाहन चलाने के कारण हुआ। ट्रिब्यूनल ने कहा कि विपक्षी पक्ष प्रत्यक्षदर्शी के बयान को खारिज करने के लिए पर्याप्त सबूत पेश नहीं कर सका। ट्रिब्यूनल ने कहा कि ट्रक चालक यह स्पष्ट नहीं कर सका कि उसकी गाड़ी ने मोटरसाइकिल को किन परिस्थितियों में टक्कर मारी। इसके आधार पर उसे मुकेश कुमार की मौत के लिए “घोर लापरवाही और चूक (Gross Neglect and Default)” का दोषी माना गया।

न्यूनतम मजदूरी के आधार पर मुआवजा

मुकेश कुमार की आय से संबंधित कोई दस्तावेजी प्रमाण पेश नहीं किया गया था। ऐसे में ट्रिब्यूनल ने दिल्ली में एक स्किल्ड वर्कर के लिए लागू न्यूनतम मजदूरी को आधार बनाया और मुआवजे की राशि 32.74 लाख रुपये तय की। ट्रिब्यूनल ने एसबीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी को निर्देश दिया कि वह 30 दिनों के भीतर मुआवजे की राशि जमा करे। परिवार को यह रकम 9 फीसदी सालाना ब्याज के साथ दी जाएगी।

(इनपुट- पीटीआई)

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