पटना: मौका था दशरथ मांझी को श्रद्धांजलि देने का लेकिन तेजस्वी यादव ने दशरथ मांझी की जगह जीतन राम मांझी का नाम ले लिया। फिर क्या… जीतन राम मांझी ने भी मोर्चा संभाल लिया। उनका भी रिएक्शन सामने आ गया है। उन्होंने कहा कि नशा शराब में होता तो नाचती बोतल। ये नशा कुछ भी करा सकता है।
टोकने पर किया भूल सुधार
दरअसल, सोमवार को पटना में राष्ट्रीय जनता दल के राज्य कार्यालय में पर्वत पुरूष दशरथ मांझी की पुण्यतिथि के मौके पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में तेजस्वी यादव भी मौजूद थे। जब संबोधन की बारी आई तो उन्होंने दशरथ मांझी की जगह “जीतनराम मांझी के श्रद्धांजलि समारोह में उपस्थित..” कहकर अपने सम्बोधन की शुरुआत की। इसी बीच वहां खड़े लोगों के टोके जाने के बाद तेजस्वी ने तुरंत भूल सुधार कर लिया था।
जीते जी लालू और राबड़ी को भी श्रद्धांजलि दे देंगे
लेकिन सियासत में एक भूल या चूक भी बड़ी भारी पड़ती है। जैसे ही यह खबर जीतन राम मांझी तक पहुंची उन्होंने भी कमान संभाल लिया। तुरंत सोशल मीडिया पर एक्टिव हो गए। जीतन राम मांझी ने एक्स हैंडल पर लिखा- “नशा शराब में होती तो नाचती बोतल” लगता है बाबू साहब का रात वाला उतरा नहीं था इसलिए मुझे श्रद्धांजलि दे रहें हैं। अगर हालात नहीं सुधरे तो आने वाले वक्त में ये जनाब जीते जी अपने पिता लालू जी एवं राबड़ी जी को भी श्रद्धांजलि दे देंगे। नशा कुछ भी करा सकता है।

Image Source : X@JITANRMANJHIतेजस्वी पर मांझी की पोस्ट
बता दें कि इससे दो हफ्ते पहले 6 अगस्त को झारखंड में छात्रों के प्रदर्शन को लेकर पूछे गए सवाल पर तेजस्वी यादव ने विस्तृत प्रतिक्रिया देने की बजाय सिर्फ इतना कहा कि ‘उस पर बात करेंगे… कल बात करेंगे।’उन्होंने यह जवाब उस वक्त दिया जब झारखंड का छात्र आंदोलन चरम पर था और राज्य में महागठबंधन की सरकार है। राष्ट्रीय जनता उसका अहम हिस्सा है। लेकिन तेजस्वी झारखंड के जुड़े सवाल को लगभग टाल गए। उन्होंे अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने अपना पूरा ध्यान बिहार के कानून-व्यवस्था और बंटी यादव हत्याकांड पर केंद्रित किया। हालांकि झारखंड में छात्रों का आंदोलन अब समाप्त हो गया है। देर रात हेमंत सोरेन की सरकार ने उनकी अधिकांश मांगें मान ली थी।
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