बिहार के बगहा में पत्नी की निर्मम हत्या के मामले में सिविल कोर्ट ने आरोपी पति को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपी पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। वहीं दंपती के दोनों नाबालिग बच्चों के भविष्य को देखते हुए बिहार सरकार को परवरिश योजना के तहत दोनों बच्चों को हर महीने चार-चार हजार रुपये देने का आदेश दिया गया है।
पत्नी की हत्या कर शव के 3 टुकड़े कर फेंक दिया था
ये मामला धनहा थाना क्षेत्र के बैरा बाजार टोला मुसहरी का है। यहां बुनिलाल यादव के बेटे सुभाष यादव पर अपनी पत्नी रीना देवी की हत्या का आरोप था। मामले में 30 जुलाई 2020 को प्राथमिकी दर्ज की गई थी। अभियोजन के अनुसार मोटरसाइकिल और भैंस को लेकर हुए विवाद के बाद सुभाष यादव ने अपनी पत्नी की हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को जलाने और साक्ष्य मिटाने की कोशिश की गई। शव को तीन टुकड़ों में काटकर अलग-अलग बोरियों में डालकर फेंक दिया गया था। बाद में मृतका के गले से मिली संदूक की चाबी के आधार पर उसकी पहचान रीना देवी के रूप में हुई।
दोषी पति को उम्रकैद की सजा और 1 लाख का जुर्माना
बगहा एडीजे-4 मानवेंद्र मिश्रा की अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद सुभाष यादव को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत उम्रकैद और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं देने पर छह महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। वहीं धारा 201 के तहत सात साल की कैद और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा भी सुनाई गई है।
बच्चों को मिलेगी आर्थिक मदद
अभियोजन पक्ष ने अदालत में वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के साथ गवाहों के बयान पेश किए। पुलिस ने जांच के बाद आरोप पत्र दाखिल किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्पीडी ट्रायल कराया गया और बगहा एसपी ने भी मामले की व्यक्तिगत रूप से निगरानी की। इस मामले में अदालत ने सिर्फ आरोपी को सजा ही नहीं सुनाई, बल्कि उसके दोनों नाबालिग बच्चों के भविष्य को लेकर भी अहम आदेश दिया है। मां की हत्या हो चुकी है और पिता को उम्रकैद की सजा मिली है। ऐसे में कोर्ट ने बिहार सरकार को परवरिश योजना के तहत दोनों बच्चों को हर महीने चार-चार हजार रुपये देने और डीएलसी पुनर्वास योजना का लाभ देने का निर्देश दिया है। अदालत ने दोनों मासूम बच्चों के भविष्य की चिंता करते हुए आर्थिक सहायता का रास्ता निकाला है।
इनपुट: अमित कुमार (बगहा)









