मानसून में बुखार हो तो कैसे पहचानें डेंगू, मलेरिया या वायरल फीवर? डॉक्टर से जानें कब जांच कराना चाहिए

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मानसून आते ही सर्दी-जुकाम और बुखार का खतरा काफी बढ़ जाता है। मौसम में बदलाव के कारण ज्यादातर लोग बीमार पड़ते हैं। वहीं इस मौसम में डेंगू, मलेरिया का खतरा भी काफी बढ़ जाता है। लेकिन कई बार ये पता कर पाना काफी मुश्किल होता है कि ये वायरल फीवर है या मलेरिया या फिर डेंगू। डेंगू, मलेरिया और वायरल संक्रमण के शुरुआती लक्षण कई बार एक जैसे दिखते हैं, इसलिए केवल लक्षणों के आधार पर बीमारी को पकड़ पाना मुश्किल होता है। ऐसे में डॉ. नेहा रस्तोगी, सीनियर कंसल्टेंट, संक्रामक रोग विभाग, फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट, गुरुग्राम ने बताया है कि कब जांच कराना चाहिए। 

डेंगू के संकेत

डेंगू में अक्सर अचानक तेज बुखार, तेज सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, शरीर और जोड़ों में तेज दर्द तथा अत्यधिक कमजोरी हो सकती है। कुछ मरीजों में मतली, उल्टी या त्वचा पर लाल चकत्ते भी दिखाई दे सकते हैं। पेट में तेज दर्द, लगातार उल्टी, नाक या मसूड़ों से खून आना, असामान्य सुस्ती या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण गंभीर स्थिति के संकेत हो सकते हैं। ऐसे में बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। 

मलेरिया के संकेत
मलेरिया में बुखार के साथ ठंड लगकर कंपकंपी और फिर तेज गर्मी या पसीना आना देखा जा सकता है। सिरदर्द, कमजोरी, बदन दर्द और कभी-कभी उल्टी भी हो सकती है। हालांकि हर मरीज में बुखार का यह लक्षण नज़र आए ये जरूरी नहीं। 

वायरल फीवर
सामान्य वायरल संक्रमण में बुखार के साथ गले में खराश, खांसी, नाक बहना, शरीर में दर्द और थकान जैसे लक्षण अधिक देखने को मिलते हैं। फिर भी लक्षणों में काफी समानता होने के कारण स्वयं से बीमारी तय करना सही नहीं है।

कब जांच जरूरी है? 
तेज बुखार कई दिनों तक बना रहे, बहुत ज्यादा कमजोरी हो, तेज सिरदर्द या कंपकंपी हो, या डेंगू/मलेरिया का जोखिम हो तो डॉक्टर से संपर्क करें। डॉक्टर स्थिति के अनुसार CBC, डेंगू की जांच, मलेरिया एंटीजन/स्मियर या अन्य जांच की सलाह दे सकते हैं। जांच का सही समय भी बीमारी और टेस्ट पर निर्भर करता है।

 



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Author: Kaushal kumar

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