NEET में कम अंक वालों को MBBS में एंट्री दिलाने वाले गिरोह का खुलासा, भदोही पुलिस ने 6 आरोपियों को भेजा जेल

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उत्तर प्रदेश के भदोही जिले में पुलिस ने एक ऐसे बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया है, जो मेडिकल कॉलेज में एडमिशन के नाम पर छात्रों को ठगने और फर्जी दस्तावेजों के सहारे प्रवेश दिलाने का काम कर रहा था। यह गिरोह NEET-UG 2025 में कम अंक पाने वाले अभ्यर्थियों को अपना निशाना बनाता था। पुलिस ने इस पूरे मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरोह के सरगना समेत छह मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

फर्जी दस्तावेज और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कोटा

पुलिस जांच में सामने आया कि यह गिरोह NEET परीक्षा में कम अंक लाने वाले छात्रों को MBBS में दाखिला दिलाने का झांसा देता था। इसके लिए वे छात्रों को ‘स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित कोटा’ का लाभ दिलाने का लालच देते थे। गिरोह के सदस्य खुद ही फर्जी और कूटरचित स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र तैयार करते थे और इन्हीं फर्जी कागजातों के आधार पर मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते थे। इस गिरोह ने कुल नौ छात्रों के फर्जी दस्तावेज तैयार कर उन्हें इस कोटे के जरिए दाखिला दिलाने का प्रयास किया था।

जांच में खुला फर्जीवाड़े का राज

इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ, जब मेडिकल विभाग के बड़े अधिकारियों के कहने पर इन नौ छात्रों के कागजों की गहराई से जांच की गई। अगस्त 2025 में भेजे गए एक पत्र के बाद जब संबंधित विभागों ने इन दस्तावेजों को चेक किया, तो पता चला कि नौ के नौ छात्रों के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी वाले सर्टिफिकेट पूरी तरह से नकली और जाली थे। कागजों का यह फर्जीवाड़ा सामने आते ही पुलिस तुरंत एक्शन में आ गई और मामला दर्ज करके जांच-पड़ताल शुरू कर दी।

सरगना समेत छह आरोपी हुए गिरफ्तार

जांच आगे बढ़ते ही पुलिस को गिरोह के काम करने के तरीके और उसके सदस्यों की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने जाल बिछाकर गिरोह के मास्टरमाइंड संजय दुबे को गिरफ्तार कर लिया। संजय दुबे के साथ-साथ इस नेटवर्क में शामिल पांच अन्य आरोपियों को भी धर दबोचा गया। गिरफ्तार किए गए सभी छह आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया गया है। फिलहाल पुलिस इस पूरे सिंडिकेट से जुड़े अन्य बिचौलियों और संदिग्धों की तलाश कर रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि फर्जी प्रमाण पत्र बनवाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर किन-किन लोगों से संपर्क किया गया था।

भदोही से शरद मौर्य की रिपोर्ट

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