IPS अविनाश पांडे पर एक बार फिर मारपीट का आरोप, सपा ने उठाई कार्रवाई की मांग; जांच शुरू

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मेरठ में दलित छात्रा ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर 9 जुलाई को प्रदर्शन हुआ था। इस दौरान तत्कालीन एसएसपी अविनाश पांडे द्वारा पुलिस पिकअप वाहन में प्रदर्शनकारी वकील रवि को पीटने का मामला अभी शांत भी नहीं हो पाया है। वहीं अब इस मामले से जुड़े 19 अगस्त को नई पिटाई की बात सामने आ रही है। जानकारी के मुताबिक भारतीय किसान यूनियन (बीआर अंबेडकर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय भाटी और संगठन के जिलाध्यक्ष मोहित जाटव ने पुलिस हिरासत में मारपीट और थर्ड डिग्री दिए जाने का आरोप लगाकर सनसनी फैला दी है।

तत्कालीन SSP पर मारपीट करने का आरोप

दिग्विजय भाटी का आरोप है कि 19 अगस्त को वह ललिता गौतम हत्याकांड के संबंध में अपनी बात रखने मेरठ SSP कार्यालय पहुंचे थे। उनका कहना है कि तत्कालीन SSP अविनाश पांडे के सामने अपनी बात रखने के दौरान अधिकारी नाराज हो गए और उन्हें एक चैंबर वार्ता कक्ष में ले जाकर करीब डेढ़ घंटे तक मारपीट की गई। इसके बाद उन्हें SOG कार्यालय भेज दिया गया। दिग्विजय भाटी के मुताबिक, SOG इंस्पेक्टर अखिलेश गौड़ को बुलाकर उन्हें सौंप दिया गया। आरोप है कि SOG कार्यालय में उनके पैर बांधकर उल्टा लटकाया गया और फट्टों व लाठियों से तलवों, कमर और पीठ पर मारपीट की गई। उनके साथ मौजूद मोहित जाटव को भी कथित तौर पर थर्ड डिग्री दी गई।

एक्सीडेंट में चोट लगने की बात

दिग्विजय भाटी ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने उनसे जबरन एक सफेद कागज पर यह लिखवाया कि उन्हें चोटें एक्सीडेंट में लगी हैं। उन्होंने पुलिसकर्मियों पर जूते, घूंसे और लातों से मारने का आरोप लगाया है। उन्होंने शरीर और आंख पर पर चोट के निशान होने की बात भी कहीं है। हालांकि दिग्विजय भाटी की आंख पर गंभीर सूजन और चोट के निशान दिखाई दे रहें है। एसएसपी सूत्रों के मुताबिक उनकी कहासुनी आफिस में हुई थी, उसके बाद वह वहां से चले गए। रास्ते में एक्सीडेंट हुआ, जिससे दिग्विजय भाटी चोटिल हुए थे।

तत्कालीन एसएसपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा मामले का संज्ञान लिए जाने के बाद शुक्रवार को दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव ने सरधना विधायक अतुल प्रधान के आवास पर पहुंचकर मीडिया के सामने अपना पक्ष रखा। इस दौरान उन्होंने पुलिस पर लगाए गए आरोपों को दोहराते हुए पूरे मामले में कार्रवाई की मांग की। दिग्विजय भाटी और अतुल प्रधान की मांग है कि तत्कालीन SSP अविनाश पांडे समेत आरोपों में शामिल पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जाए और मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। 

मामले की जांच जारी

फिलहाल इस मामले में डीआईजी ने एडीजी भानु भास्कर को मामले से अवगत कराया। शासन को जानकारी दी गई, इस मामले की जांच सहारनपुर डीआईजी को सौंपी गई है। पूरे प्रकरण की निष्पक्षता के साथ जांच करवाई जा रही है, तदोपरांत कार्रवाई होगी।

अविनाश पांडे का हुआ ट्रांसफर

अविनाश पांडे (आईपीएस-आरआर-2015) को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मेरठ से पुलिस अधीक्षक, संबद्ध मुख्यालय पुलिस महानिदेशक, लखनऊ भेजा गया है। वहीं बी.बी.जी.टी.एस. मूर्ति (आईपीएस-आरआर-2015) को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक झांसी से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मेरठ की जिम्मेदारी दी गई है।

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Author: Kaushal kumar

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