महाराष्ट्र में एंटी कोचिंग क्लास बिल का ड्राफ्ट तैयार हो गया है। दरअसल, ‘महाराष्ट्र निजी कोचिंग सेंटर (पंजीकरण और विनियमन) विधेयक, 2026’ का मसौदा NEET-UG परीक्षा के पेपर लीक की घटना के तीन महीने बाद सामने आया है। इस मामले में गिरफ्तार किए गए 13 आरोपियों में से 9 महाराष्ट्र के थे। महाराष्ट्र के प्रमुख कोचिंग केंद्र लातूर और पुणे शहर भी इस जांच के केंद्र में रहे हैं।
ड्राफ्ट पर लोगों से मांगे गए सुझाव
बता दें कि देवेंद्र फडणवीस सरकार, ‘महाराष्ट्र निजी कोचिंग सेंटर (पंजीकरण और विनियमन) विधेयक, 2026’ लाएगी। पेपर लीक मामले के केंद्र में रहे महाराष्ट्र ने कोचिंग सेंटरों पर नियंत्रण के लिए कानून का मसौदा तैयार किया है। इस पर लोगों से प्रतिक्रिया, सुझाव और आपत्तियां मांगी गई हैं।
नए विधेयक में क्या प्रावधान हैं?
- डमी स्कूल मॉडल और इंटीग्रेटेड कोर्स पर प्रतिबंध।
- बेसमेंट में चलने वाले कोचिंग क्लास पर प्रतिबंध।
- किसी संज्ञेय अपराध के आरोपी व्यक्ति की नियुक्ति पर रोक।
- एक महीने की CCTV फुटेज सुरक्षित रखना अनिवार्य।
- फायर सेफ्टी और बिल्डिंग सेफ्टी सर्टिफिकेट रखना अनिवार्य।
- 25 से अधिक छात्रों वाले कोचिंग सेंटरों पर ये नियम लागू होंगे।
- कोचिंग सेंटर का पंजीकरण, नियमन और सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य होगा।
- पंजीकरण तीन साल के लिए वैध होगा, इसके बाद दोबारा पंजीकरण कराना होगा।
- छात्रों और शिक्षकों के लिए साप्ताहिक अवकाश अनिवार्य होगा।
- साप्ताहिक अवकाश के अगले दिन परीक्षा आयोजित करने पर रोक होगी।
- एक दिन में अधिकतम पांच घंटे ही पढ़ाई कराई जा सकेगी।
- कोचिंग सेंटर निर्धारित सीमा से अधिक फीस नहीं वसूल सकेगा।
- कोर्स शुरू होने के बाद उसके शुल्क या पाठ्यक्रम में मनमाने ढंग से बढ़ोतरी नहीं की जा सकेगी।
- कानून का उल्लंघन करने पर 50 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा।
- यौन उत्पीड़न की शिकायत मिलने पर 24 घंटे के भीतर कार्रवाई करना अनिवार्य होगा।
- बिना पंजीकरण कोचिंग सेंटर चलाने, भ्रामक विज्ञापन करने और नाबालिग बच्चों का दाखिला लेने जैसे गंभीर उल्लंघनों पर 10 लाख से 50 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
- संबंधित कोचिंग सेंटर को निलंबित या बंद किया जा सकता है और उसका पंजीकरण रद्द किया जा सकता है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के दिशानिर्देशों का हुआ पालन
केंद्र के शिक्षा मंत्रालय की ओर से जनवरी 2024 में जारी दिशानिर्देशों के बाद कोचिंग उद्योग के लिए विशेष कानून बनाने वाले राज्यों में राजस्थान, झारखंड, असम और हरियाणा शामिल हैं। इन राज्यों के कानूनों की तुलना में महाराष्ट्र के प्रस्तावित कानून में कोचिंग सेंटरों की परिभाषा और दायरा, शिक्षकों की पात्रता, जुर्माने और कार्रवाई के अधिकार जैसे प्रावधान अधिक सख्त और व्यापक हैं। अन्य राज्यों ने मुख्य रूप से नियम और दिशानिर्देश लागू किए हैं। स्कूली शिक्षा और खेल विभाग ने इस संबंध में विधेयक का मसौदा जारी किया है और 4 सितंबर की शाम 6 बजे तक नागरिकों से सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं।
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