रूस से MBBS किया, भारत में लाइसेंस नहीं; फिर डॉक्टर ने कैंसर मरीजों से पैसा कमाने का खतरनाक रास्ता चुना

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दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की जांच में कैंसर की दवाओं की कालाबाजारी का भयावह खेल सामने आया है। दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की AGS यूनिट ने फर्जी, मिलावटी और भारत में बिक्री के लिए गैर-अनुमोदित कैंसर व जीवनरक्षक दवाओं की तस्करी और बिक्री करने वाले नेटवर्क का खुलासा करते हुए डॉ. मनीष शर्मा को गिरफ्तार किया है। 39 वर्षीय आरोपी मीनष शर्मा आरोपी मूल रूप से मध्य प्रदेश के भिंड/ग्वालियर का रहने वाला है और फिलहाल फरीदाबाद, हरियाणा में रह रहा था।

कैंसर मरीजों के साथ खिलवाड़!

उसकी निशानदेही पर पुलिस ने लाखों रुपये मूल्य की नकली, मिलावटी और तस्करी कर लाई गई दवाएं जब्त की हैं। जांच में सामने आया कि जब्त की गई दवाएं मुख्य रूप से जापान और अमेरिका की कंपनियों की थीं, जिन्हें तुर्किये में बनाकर अवैध रास्तों से भारत में अवैध रूप से तस्करी किया जा रहा था।

क्या-क्या बरामद हुआ?

  • आरोपी के कब्जे से ICLUSIG (Ponatinib) के 4 पैकेट
  • Human Albumin Solution 20% की 4 शीशियां
  • Janssen Biotech की DARZALEX के 2 बॉक्स 

पुलिस के अनुसार ICLUSIG भारत में बिक्री के लिए अनुमोदित नहीं है, जबकि Albumin और DARZALEX की बरामद खेप तुर्कियो मूल की प्रतीत होती है और अवैध तरीके से भारत लाई गई थी।

कैसे करता था कारोबार?

आरोपी ने फरीदाबाद में HK Polyclinic और HK Pharmaceuticals शुरू की थी। वह IndiaMART के जरिए ग्राहकों से संपर्क करता था और कैंसर की महंगी दवाओं में ज्यादा मुनाफा देखकर तस्करी, मिलावटी और फर्जी दवाएं खरीदकर जरूरतमंद मरीजों को बेचता था। पुलिस के मुताबिक इससे मरीजों की जान को गंभीर खतरा हो सकता था।

कैसे पकड़ा गया?

21 अप्रैल 2026 को क्राइम ब्रांच को गुप्त सूचना मिली थी कि दिल्ली-NCR में फर्जी कैंसर दवाओं की सप्लाई की जा रही है। टीम ने सुखदेव विहार स्थित मदर डेयरी बूथ के पास जाल बिछाया। आरोपी होंडा सिटी से वहां पहुंचा और कार से बाहर निकलते ही पुलिस ने उसे पकड़ लिया। मामले में FIR नंबर 94/2026 के तहत BNS और ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट की संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जा रही है।

रूस से किया है MBBS

पुलिस अधिकारी ने बताया कि मनीष शर्मा ने रूस से एमबीबीएस किया है लेकिन भारत में वह मेडिकल लाइसेंस परीक्षा पास नहीं कर सका। इसके बाद उसने पहले फरीदाबाद में एक अस्पताल खोल लिया। लेकिन उसमें घाटा होने पर अवैध तरीके से कैंसर की प्रतिबंधित दवाओं का अवैध रूप से बेचने लगा। उसने ”एचके फार्मा” नाम से फर्म बनाई और IndiaMART के जरिए कैंसर की नकली और तस्करी की गई दवाओं को बेचना शुरू कर दिया।

बता दें कि पिछले हफ्ते भी दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने कैंसर की नकली दवाओं के इंटरस्टेट सिंडिकेट का पर्दाफाश किया था। गिरफ्तार किए गए 17 आरोपियों के कब्जे और ठिकानों से एंटी-कैंसर दवाओं की भरी हुई 588 शीशियां बरामद हुई थीं। बरामद दवाओं और अन्य सामान की कीमत करीब 9 करोड़ रुपये आंकी गई।

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Author: Kaushal kumar

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