नवरात्रि गरबा के दौरान नाबालिग से गैंगरेप, कोर्ट ने 5 दरिंदों को सुनाई उम्रकैद की सजा; अपराध को ‘बेहद घिनौना’ बताया

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गुजरात के वडोदरा की कोर्ट ने 2024 में नवरात्रि की रात नाबालिग लड़की से गैंगरेप के मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने घटना के पांचों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अपराध को ”अत्यंत जघन्य” बताते हुए वडोदरा कोर्ट ने पीड़िता के लिए 10 लाख रुपये का मुआवजा देने का भी आदेश दिया है। स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर नयन सुखड़वाला ने बताया कि एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज सीएम पवार ने पांचों दोषियों में से हर एक पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया और सरकार को पीड़िता को 10 लाख रुपये का मुआवजा देने का भी आदेश दिया।

सुखड़वाला ने कहा, “कोर्ट ने माना कि समाज में महिलाओं की अहम भूमिका होती है और किसी महिला या नाबालिग के साथ गैंगरेप एक बेहद गंभीर मामला है। कोर्ट ने इसे सबसे घिनौनी घटना बताया। कोर्ट ने यह भी कहा कि नवरात्रि के दौरान जो देवी अंबा को समर्पित त्योहार है, गैंगरेप की घटना को हल्के में नहीं लिया जा सकता। कोर्ट ने यह भी कहा कि पेश किए गए सबूत मजबूत थे और उनमें कोई शक की गुंजाइश नहीं थी।”

इन 5 दोषियों को उम्रकैद की सजा-

  • मुन्ना अब्बास बंजारा
  • मुमताज उर्फ आफताब सुबेदार बंजारा
  • शाहरुख किस्मतअली बंजारा
  • सैफअली महेंदीहसन बंजारा
  • अजमल सतार बंजारा

4 अक्टूबर 2024 की रात हुई थी वारदात

यह घटना 4 अक्टूबर 2024 को नवरात्रि की एक रात को हुई थी, जब लोग शहर भर में आयोजित गरबा कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में बाहर निकलते हैं, तब उस समय 16 वर्षीय पीड़िता अपने पुरुष मित्र के साथ बाहर थी। आरोपियों ने पीड़िता के मित्र को बंधक बनाकर उसके साथ गैंगरेप किया था।

पीड़िता ने पुलिस को बताया कि वह रात करीब 11 बजे शहर के लक्ष्मीपुरा इलाके में अपने बचपन के दोस्त से मिलने गई थी। वे रात करीब 12 बजे एक स्कूटी पर सवार होकर भयली इलाके से लौट रहे थे, तभी एक सुनसान रास्ते पर दोपहिया वाहन पर सवार पांच लोगों ने उन्हें रोक लिया।

फोन छीनकर नदी में फेंक दिया था

सुखड़वाला ने कहा, “पीड़िता और उसके साथ मौजूद उसके पुरुष मित्र के बयान दो ऐसे प्रत्यक्ष साक्ष्य थे जिन पर अदालत ने विचार किया।” इसके अलावा, पीड़िता ने सबसे पहले अपने भाई और मां को घटना की जानकारी दी थी, और उनके बयानों को भी साक्ष्य के रूप में इस्तेमाल किया गया। पीड़िता का मोबाइल फोन लूटकर विश्वामित्री नदी में फेंक दिया गया था। पुलिस और दमकल विभाग की टीम ने इसे बरामद करने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। हालांकि, अदालत ने इसे साक्ष्य के रूप में स्वीकार किया कि फोन लूटा गया था और नदी में फेंका गया था। उन्होंने यह भी जोड़ा कि 26 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज में से, आरोपी तीन कैमरों में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे थे, जिन्हें अदालत ने स्वीकार कर लिया।

आज करीब 22 महीने बाद पीड़िता को न्याय मिला है। कोर्ट ने पांचों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाते हुए पीड़िता के लिए 10 लाख रुपये के मुआवजे का भी आदेश दिया है।

(इनपुट- PTI)

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Author: Kaushal kumar

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