नेपाल में बाढ़ के कारण आई भयानक त्रासदी के बाद राहत और बचाव का अभियान शुक्रवार को भी लगातार जारी है। भारत ने पड़ोसी देश का धर्म निभाते हुए नेपाल को लगातार मदद भेजी है। अब भारत सरकार के विदेश मंत्रालय ने इस बात की जानकारी दी है कि नेपाल में टनल रेस्क्यू टीम भेजने की तैयारी भी की जा रही है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने नेपाल में लापता लोगों, NDRF और राहत कार्यों पर विस्तार से जानकारी दी है।
रेस्क्यू टीम भेजने की तैयारी
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया- “आप जानते हैं कि हाल की त्रासदी के बाद भारत ने नेपाल को अब तक कितनी मानवीय सहायता दी है। और भी सहायता भेजी जा रही है। राहत सामग्री लेकर दो विमान रवाना हो चुके हैं और राहत सामग्री की तीसरी खेप आज शाम रवाना होने की उम्मीद है। नेपाल के अनुरोध पर, हम एक टनल रेस्क्यू टीम भेजने की तैयारी कर रहे हैं। इसके लिए पहले एक रेकी टीम भेजी जा रही है ताकि जरूरी उपकरणों आदि का आकलन किया जा सके। एक मेडिकल टीम भी भेजी जा रही है। इसके अलावा, हमने बेली ब्रिज और उनकी तकनीकी टीमें भी भेजने की पेशकश की है ताकि नेपाल के प्रभावित इलाकों में संपर्क व्यवस्था को जल्द बहाल किया जा सके।”
बचाए गए लोगों की वापसी का इंतजाम जारी
बचाए गए नागरिकों पर भी अपडेट
सामने आई जानकारी के अनुसार, 21 भारतीय नागरिक जो गुरुवार को काठमांडू पहुंचे थे अभी दिल्ली पहुंच गए हैं। त्रिशूली पावर प्रोजेक्ट में फंसे 63 भारतीय नागरिकों को भी बचा लिया गया है। 93 भारतीय जो कि फंसे हुए थे उन्होंने सुरक्षित रूप से चीन की सीमा पार कल ली है और सड़क मार्ग से नेपाल पहुंच गए हैं। भारतीय मूल के 100 लोगों से अभी भी संपर्क नहीं हो पाया है; ये वे लोग हैं जिनके पास दूसरी राष्ट्रीयता है। वहीं, चीन की तरफ फंसे करीब 400 भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं। उनसे संपर्क किया गया है और उनके परिवार के सदस्यों ने भी सरकार से संपर्क किया है।








