झारखंड में हेमंत सोरेन सरकार प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ तीसरे दौर की बातचीत करने जा रही है। इससे पहले मंत्री दीपिका पांडे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार का रुख साफ किया। उन्होंने यह भी बताया कि छात्रों की अधिकतर मांगों पर सहमति बन चुकी है, लेकिन जिस परीक्षा का रिजल्ट अदालत के आदेश के बाद जारी किया गया था, उसे कैंसिल करना राज्य सरकार के बस में नहीं है।
जेपीएससी, जेएसएससी अभ्यर्थियों के विरोध प्रदर्शन को लेकर उन्होंने कहा, “लगातार ये प्रयास हो रहा है कि छात्रों की सभी जायज मांगों को माना जाए। उनसे दो राउंड की वार्ता के बाद, जिन बातों पर सहमति हुई आज मैं आपके सामने वो विषय रखना चाहूंगी। जांच के विषय पर जिन बातों पर सहमति थी कि जेपीएससी की जो परीक्षा हुई है या टीडीपीएल के द्वारा जितनी भी परीक्षाओं का आयोजन किया गया है, उनमें 14वीं जेपीएससी परीक्षा रद्द करने की बात हुई। जांच के दायरे में जेएसएससी-सीजीएल और टीडीपीएल के द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं की बात हुई।”
टीडीपील परीक्षाओं की जांच करेगी सीआईडी
दीपिका पांडे ने बताया कि टीडीपीएल के द्वारा जिन परिक्षाओं को आयोजित करवाया गया है, उसकी जांच राज्य सरकार की एजेंसी सीआईडी करेगी। हम लोगों ने यहां कहा कि किसी केंद्रीय एजेंसी को यदि इसमें जांच करनी है तो ईडी को भी पत्र लिखा जाएगा। जेएसएससी-सीजीएल को लेकर छात्रों की चिंता है, लेकिन आप सब जानते हैं कि सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देश के बाद उसके नतीजे घोषित किए गए, नियुक्ति पत्र बांटे गए और लोग करीब 1 साल से उसमें कार्यरत हैं। क्योंकि कोर्ट उसमें शामिल है तो राज्य सरकार उस बदली हुई परिस्थिति में क्या कैसे करेगी, इसलिए हमने छात्रों से आग्रह किया कि सीआईडी की जांच की पूरी मॉनिटरिंग न्यायिक कमेटी से करवाई जाएगी। ये प्रयास होगा कि 90 दिनों के अंदर उन जांचों को पूरा करके, फास्ट ट्रैक कोर्ट का रुख करके हम उसमें छात्रों को न्याय दिलाने का काम करेंगे।
पेपर लीक रोकने के लिए सुधार जरूरी
झारखंड सरकार की मंत्री ने कहा, “आज सबसे बड़ा विषय सुधारों को लेकर है। ये न केवल झारखंड की समस्या है बल्कि देश की आवश्यकता है कि बदलती हुई परिस्थिति में, समय के अनुसार हम सुधार लाएं, बदलाव हों ताकि किसी भी तरह से पेपर लीक की समस्या न उत्पन्न हो। हम लोगों ने 2023 में एक विधेयक विधानसभा से पारित किया इस बात को सुनिश्चित करने के लिए कि पेपर लीक के खिलाफ कठोरतम सजा सुनिश्चित की जा सके। यहां भाजपा इसका विरोध कर रही थी, लेकिन वहां छात्रों को संतुष्ट करने के लिए संसद में उसी कानून को लाया गया।”
रांची में छात्रों के आंदोलन का 24वां दिन
रांची में सरकारी परीक्षाओं के अभ्यर्थी 24 दिन से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। कई छात्र नेता भूख हड़ताल पर भी हैं। छात्रों और इनके प्रतिनिधित्व छात्रों का साफ कहना है कि वह सरकार से मिलने जाएंगे। 10 छात्रों का डेलिगेशन होगा। वह लीगल एडवाइजर के संपर्क में हैं और उनको सब जानकारी है। वह मंत्रियों से बात करेंगे। वह कोई बहस करने नहीं जा रहे हैं। सरकार उनकी मांगों से भलीभांति वाकिफ है। सरकार को सभी मांगें माननी होंगी, कोई समझौता नहीं होगा। मांग नहीं मानी तो 18 अगस्त तक का वक्त है, वरना 20 अगस्त को झारखंड के 24 जिलों से छात्र सीएम आवास का घेराव करेंगे।
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