‘क्या मिट्टी आग बुझा सकती है?’ भारतीय पेट्रोल पंप पर फायर सेफ्टी देख दंग रह गया अमेरिकी व्यक्ति; Video

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भारत घूम रहे एक अमेरिकी व्लॉगर डोमिनिक डिपास्क्वेल को भारतीय पेट्रोल पंप पर अग्नि सुरक्षा की पारंपरिक व्यवस्था देखकर बड़ा कल्चरल शॉक लगा। रोड आइलैंड निवासी इस कंटेंट क्रिएटर ने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर कर बताया कि पेट्रोल पंप पर आग बुझाने के लिए पानी या आधुनिक फायर एक्सटिंग्यूशर के बजाय रेत (मिट्टी) भरी बाल्टियां रखी गई हैं। उन्होंने इसे भारत आने के बाद अपने सबसे बड़े कल्चर शॉक मोमेंट्स में से एक बताया। अब ये वीडियो काफी वायरल हो रहा है। 

“क्या मिट्टी आग बुझा सकती है?” 

इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर @domtravels401 नामक हैंडल से शेयर किया गया है। वीडियो में डोमिनिक पेट्रोल पंप पर रखी बाल्टियों की ओर इशारा करते हुए कहते हैं, “यह भारत आने के बाद मेरे सबसे बड़े कल्चर शॉक मोमेंट्स में से एक है। यहां गैस स्टेशन पर आग लगने की स्थिति में इस्तेमाल के लिए सचमुच मिट्टी की बाल्टियां रखी हुई हैं। वे फायर एक्सटिंग्यूशर इस्तेमाल नहीं करते, पानी नहीं इस्तेमाल करते, बल्कि मिट्टी इस्तेमाल करते हैं।” वे आगे जोड़ते हैं, “देखो, असल में ‘फायर’ लिखा हुआ मिट्टी की बाल्टियां। अगर गैस स्टेशन में आग लग जाए तो बाल्टी उठाकर आग पर फेंक दो।” कैप्शन में उन्होंने सवाल किया, “क्या मिट्टी आग बुझा सकती है?”  

यूजर्स ने समझाया साइंस 

यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। भारतीय यूजर्स ने जल्दी ही उन्हें सही जानकारी दी। कई लोगों ने समझाया कि पेट्रोल या डीजल जैसी ज्वलनशील तरल पदार्थों की आग पर पानी डालना खतरनाक हो सकता है क्योंकि तेल पानी पर तैरता है और आग फैल सकती है। रेत या सूखी मिट्टी आग को ऑक्सीजन से वंचित कर देती है, जिससे छोटी आग या स्पिल को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। एक यूजर ने लिखा, ‘पानी तेल की आग नहीं बुझाता और कभी-कभी फायर एक्सटिंग्यूशर भी फेल हो जाता है। सबसे अच्छा तत्काल समाधान रेत है।’ 


दूसरे ने कहा, ‘यह सैंड है, डर्ट नहीं। फायर एक्सटिंग्यूशर भी डिस्पेंसर के पास ही रखे होते हैं।’

कुछ ने मजाकिया अंदाज में कहा, ‘कॉमन सेंस और नॉलेज इंस्टाग्राम छोड़ गई।’ 

लंबे समय से चली आ रही व्यवस्था 

गौरतलब है कि, भारत में पेट्रोल पंपों पर रेत भरी बाल्टियां रखना एक लंबे समय से चली आ रही सुरक्षा व्यवस्था है। यह आधुनिक फायर एक्सटिंग्यूशर के साथ बैकअप के रूप में काम करती है। छोटे तेल के रिसाव या छोटी आग को तुरंत नियंत्रित करने के लिए सूखी रेत प्रभावी होती है क्योंकि यह जलती हुई सामग्री को ढककर ऑक्सीजन की आपूर्ति रोक देती है। कई जगहों पर जहां ज्वलनशील पदार्थ हैं, यह सरल और सस्ता तरीका आज भी उपयोग में है। 

डोमिनिक का वीडियो विदेशी नजरिए से भारतीय रोजमर्रा की व्यवस्थाओं को समझने का दिलचस्प उदाहरण बन गया। जहां अमेरिका या कई पश्चिमी देशों में आधुनिक उपकरण ही मुख्य रूप से दिखते हैं, वहीं भारत में पारंपरिक और व्यावहारिक समाधान भी साथ-साथ मौजूद रहते हैं। यूजर्स ने इस मौके पर न सिर्फ वैज्ञानिक कारण बताए बल्कि सांस्कृतिक समझ की कमी पर भी टिप्पणी की।

डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।

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