हरियाली तीज हिंदू धर्म में सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण त्योहार है। यह पर्व सौंदर्य, प्रेम, प्रकृति और अखंड सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। इस खास मौके पर घरों में कई तरह के पकवान भई बनाए जाते हैं। ऐसे में हरियाली तीज का त्योहार हो और घर में मीठे की खुशबू न आए, ऐसा तो हो ही नहीं सकता। सावन के इस पावन महीने में झूले, मेहंदी और घेवर के साथ-साथ मालपुआ बनाने की परंपरा सदियों पुरानी है। अगर आप इस तीज पर ऐसे मालपुए बनाना चाहती हैं जो बाहर से हल्के कुरकुरे और अंदर से बेहद मुलायम व फ्लफी हों, तो यह खास रेसिपी सिर्फ आपके लिए है। यहां मुलायम मालपुए की रेसिपी दी गई है। नोट करें।
सामग्री
बैटर के लिए
- मैदा: 1 कप
- सूजी (रवा): 2 बड़े चम्मच
- खोया या मलाई: 1/4 कप (फ्लफी और रिच स्वाद के लिए)
- दूध: 1.5 कप (गुनगुना)
- सौंफ पाउडर: 1/2 छोटा चम्मच
- इलायची पाउडर: 1/2 छोटा चम्मच
- तलने के लिए: देसी घी या तेल
चाशनी के लिए:
- चीनी: 1 कप
- पानी: 1/2 कप
- केसर के धागे: 8-10
- इलायची: 2 कुटी हुई
बनाने का तरीका
स्टेप 1
एक बड़े बर्तन में मैदा, सूजी, सौंफ और इलायची पाउडर को मिला लें। अब इसमें मैश किया हुआ खोया या ताजी मलाई डालें। थोड़ा-थोड़ा गुनगुना दूध डालते हुए फेंटें ताकि गुठलियां न बनें। बैटर को कम से कम 5-7 मिनट तक एक ही दिशा में अच्छी तरह फेंटें। इसे फ्लफी बनाने के लिए बैटर को ढककर कम से कम 30 मिनट के लिए रख दें। इससे सूजी फूल जाएगी और मालपुए एकदम स्पंजी बनेंगे।
स्टेप 2
एक पैन में चीनी और पानी मिलाकर मध्यम आंच पर पकाएं। जब चीनी घुल जाए, तो इसमें केसर और इलायची डालें। इस बात का ध्यान रखें कि चाशनी तार वाली नहीं हो, बस 1 चिपचिपी चाशनी तैयार करनी है। चाशनी बनकर तैयार हो तो आंच बंद कर दें।
स्टेप 3
अब एक चौड़े तले की कढ़ाई में घी गर्म करें। ध्यान रहे कि घी बहुत ज्यादा गर्म या ठंडा न हो। अब एक बड़े चम्मच में बैटर लेकर कढ़ाई के बीचों-बीच डालें। बैटर अपने आप फैलकर गोल आकार ले लेगा। धीमी से मध्यम आंच पर मालपुए को दोनों तरफ से सुनहरा होने तक तलें।
स्टेप 4
तले हुए मालपुए को निकालें और उनका एक्सट्रे घी थार लें। तुरंत इन्हें गुनगुनी चाशनी में डाल दें। मालपुए को 2 से 3 मिनट तक चाशनी में रहने दें ताकि वे अंदर तक रस सोख लें।








