ममता बनर्जी के खिलाफ पुलिस ने दर्ज की एफआईआर, कोर्ट के आदेशों के उल्लंघन का आरोप

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें


कोलकाता के कैथेड्रल रोड पर आयोजित WBTMCP के स्थापना दिवस कार्यक्रम के दौरान कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश का कथित तौर पर उल्लंघन करने के लिए हेस्टिंग्स पुलिस ने पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और पश्चिम बंगाल तृणमूल छात्र परिषद (WBTMCP) के आयोजकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, हेस्टिंग्स पुलिस स्टेशन ने 28 अगस्त को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 61(2), 223, 125(a), 132 और 285 के तहत केस नंबर 112 दर्ज किया। यह मामला हेस्टिंग्स पुलिस स्टेशन के सब-इंस्पेक्टर अपु बैद्य की लिखित शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया था।

हाई कोर्ट के आदेश का उल्लंघन

शिकायत के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने WBTMCP कार्यक्रम के आयोजकों के साथ मिलकर कथित तौर पर आपराधिक साजिश रची और उसी के तहत WPA नंबर 21728/2026 के संबंध में कलकत्ता हाई कोर्ट द्वारा पारित आदेश का उल्लंघन किया। यह कथित उल्लंघन 28 अगस्त को कैथेड्रल रोड पर आयोजित WBTMCP स्थापना दिवस कार्यक्रम के दौरान हुआ। शिकायत में बताए गए निर्देशों और अनुमति के अनुसार, कार्यक्रम दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक होना था। 

समर्थकों को उकसाया

पुलिस का आरोप है कि ममता बनर्जी और आयोजकों ने कार्यक्रम के दौरान अपने समर्थकों को उकसाया, जिसके बाद भीड़ ने पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स को हटा दिया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि भीड़ ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की, जिससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस के अनुसार, भीड़ ने कैथेड्रल रोड के एक हिस्से पर वाहनों की आवाजाही में भी बाधा डाली, जिससे इलाके में ट्रैफिक जाम हो गया।

तय समय से ज्यादा देर तक रखा कार्यक्रम

पुलिस ने यह भी आरोप लगाया कि आयोजकों ने कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश के तहत तय समय से ज़्यादा देर तक कार्यक्रम जारी रखा। इस मामले में BNS की वे धाराएं शामिल हैं जो आपराधिक साजिश, लोक सेवक द्वारा विधिवत जारी आदेश की अवज्ञा, दूसरों के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने वाले कार्य, लोक सेवकों के खिलाफ हमला या आपराधिक बल का प्रयोग और सार्वजनिक रास्तों के संबंध में लापरवाहीपूर्ण आचरण से संबंधित हैं।

TMC ने किया पलटवार

हालांकि TMC ने नगर निकाय और पुलिस की कार्रवाई की आलोचना करते हुए इसे “राजनीतिक बदले की भावना” करार दिया है। पार्टी ने कहा है कि मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी TMC से ‘डरे हुए’ हैं। अभिषेक बनर्जी ने X पर एक पोस्ट में कहा, “पश्चिम बंगाल में संवैधानिक शासन का लगातार पतन हो रहा है और राज्य तेज़ी से पुलिस-राज की ओर बढ़ रहा है। जब राज्य की सत्ता बिना किसी संवैधानिक रोक-टोक के काम करती है, तो न्यायपालिका ही बचाव की आखिरी उम्मीद होती है।” उन्होंने आगे कहा, “अगर मौलिक अधिकारों के हनन के समय न्यायपालिका दखल नहीं देती है, तो दांव पर सिर्फ़ लोगों की आज़ादी नहीं होती, बल्कि खुद लोकतंत्र का अस्तित्व ही खतरे में पड़ जाता है।”

यह भी पढ़ें-

सीएम शुभेंदु अधिकारी ने जादवपुर में गाया वंदे मातरम, ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ को दी चेतावनी





Source link

Leave a Comment

और पढ़ें