बिहार की राजधानी पटना के गर्दनीबाग में पिछले 21 दिनों से अनशन कर रहे ऑल पीएचडी होल्डर्स एंड रिसर्च एसोसिएशन के छात्रों और बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) के बीच आज शाम हुई वार्ता के बाद अनशनकारी छात्रों ने अपना अनशन वापस लेने का ऐलान कर दिया है। छात्रों की मांगों पर विचार के लिए 15 दिनों के भीतर एक समिति गठित करने पर सहमति बनी है। समिति में बिहार के प्रमुख शिक्षाविदों के साथ शिक्षा के क्षेत्र में काम करने का अनुभव रखने वाले प्रशासकों को शामिल किया जाएगा। समिति का गठन राज्यपाल द्वारा मुख्यमंत्री से विचार-विमर्श के बाद किया जाएगा।
2 घंटे तक चली वार्ता
अनशनकारी छात्रों के साथ बिहार के राज्यपाल की वार्ता के उपरान्त सहमति बनी। ऑल पीएच.डी. होल्डर्स एण्ड रिसर्च एसोसिएशन के बैनर तले गर्दनीबाग में पिछले 21 दिनों से अनशन कर रहे छात्रों के 6 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ माननीय राज्यपाल, बिहार की 02 घंटे की वार्ता के उपरान्त अनशनकारी छात्रों ने अपना अनशन वापस लेने का आश्वासन दिया। बता दें कि दूसरी ओर छात्रों के प्रदर्शन पर विवादित बयान देने वाले BPSC अधिकारी को CM सम्राट चौधरी ने सस्पेंड कर दिया है।

Image Source : REPORTERप्रदर्शनकारी छात्रों को राज्यपाल ने दिया आश्वासन।
किन मुद्दों पर बनी सहमति?
एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल के साथ 02 घंटे चली वार्ता में निम्नांकित बिन्दुओं पर सहमति बनी-:
1. एसोसिएशन की मुख्य मांगों पर विचार करके सहायक प्राध्यापक भर्ती परिनियम, 2026 में आवश्यक संशोधन करने के उपरान्त ही 2026 के परिनियम के आधार पर सहायक प्राध्यापक की किसी भी प्रकार की नियमित अथवा संविदा बहाली की जायेगी तबतक इस परिनियम को स्थगित किया जाता है।
2. एसोसिएशन की मांगों को विचार करने के लिए माननीय राज्यपाल, बिहार के द्वारा माननीय मुख्यमंत्री, बिहार से विचार-विमर्श के उपरांत एक समिति 15 दिनों के अंदर गठित की जायेगी, जिसमें बिहार के प्रमुख शिक्षाविद् होंगे एवं ऐसे प्रशासकों को भी रखा जायेगा जिन्हें शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने का अनुभव हो। समिति का गठन माननीय राज्यपाल, बिहार के द्वारा किया जायेगा।
3. समिति के द्वारा मुख्य तौर पर निम्नांकित बिन्दुओं पर विचार किया जायेगा-:
(क) सहायक प्राध्यापक के लिए अधिकतम उम्र 55 वर्ष रखी जाये।
(ख) सहायक प्राध्यापक बहाली के लिए लिखित परीक्षा ली जाये पर वह वस्तुनिष्ठ हो।
(ग) लिखित परीक्षा में जो उत्तीर्ण होते हैं, उनसे जुड़ी गणना की जायेगी एवं लिखित परीक्षा के प्राप्तांक तथा API को जोड़कर समेकित मेरिट लिस्ट बनायी जायेगी, जिसके आधार पर अंतर्वीक्षा के लिए आवश्यक निर्धारित संख्या में अभ्यर्थी बुलाये जायेंगे। अंतर्वीक्षा में टीचिंग डेमो भी रखा जायेगा।
(घ) API की गणना के संबंध में निम्नलिखित मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया गया-:
(i) API की गणना में मैट्रिक एवं इण्टरमीडिएट के प्राप्तांकों की गणना नहीं की जायेगी।
(ii) नेट एवं JRF के अधिमानता को 11 तक रखा जा सकता है परन्तु पीएच.डी. के अधिमानता 30 से कम नहीं किया जाये।
(iii) शोध प्रकाशन एवं अनुभव की गणना भी API के स्कोर में की जायेगी परन्तु शोध प्रकाशन एवं अनुभव को भलीभाँति परिभाषित किया जायेगा ताकि इसमें किसी भी प्रकार का संशय न रहें एवं इसका कोई गलत फायदा नहीं उठा सके।
4. अतिथि सहायक प्राध्यापकों के बारे में अनशनकारी छात्रों की निम्नलिखित माँगों पर समिति द्वारा विचार किया जायेगा-:
(क) अतिथि सहायक प्राध्यापकों को भी वर्तमान में बहाल हुये संविदा सहायक प्राध्यापकों की ही भांति न्यूनतम वेतनमान एवं उस पर महंगाई भत्ता दिया जाये।
(ख) उनके नवीकरण की प्रक्रिया सभी विश्वविद्यालयों में एक समान रखी जाये।
(ग) अतिथि सहायक प्राध्यापकों के शैक्षणिक प्रमाणपत्र तथा शोध पत्र एवं अनुभव की भली भाँति जाँच कर ली जाये तदोपरांत उन्हें 65 वर्षों तक कार्य करने का मौका दिया जाये।
5. अनशनकारी छात्रों के इस सुझाव पर विचार किया गया कि अधिकतम उम्र सीमा को एक बार में नहीं घटाकर उसे धीरे-धीरे कम किया जाये एवं इस बीच सहायक प्राध्यापकों की बहाली नियमित रूप से प्रत्येक वर्ष रिक्तियों के विरूद्ध किया जाये।
Image Source : REPORTERअनशन खत्म करने पर सहमत हुए छात्र।
अनशनकारी छात्रों की ओर प्रतिनिधिमंडल में एम.एल.सी. (शिक्षक प्रतिनिधि) जीवन कुमार, सहायक प्राध्यापक (अतिथि) डॉ॰ कुंदन सिंह, डॉ॰ उमेश कुमार, सहायक प्राध्यापक (अतिथि) डॉ॰ विभा रानी तथा शोध छात्र आशीष कुमार एवं मोनू कुमार राय उपस्थित थे।
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