महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (MPSC) की ड्रग इंस्पेक्टर, ग्रुप-B परीक्षा में कथित पेपर लीक की जांच में अब परीक्षा से पहले 294 सवालों का एक गोपनीय ‘सुपरसेट’ तैयार कर उसे बाहर पहुंचाने की पूरी कड़ी सामने आ रही है। मुंबई क्राइम ब्रांच ने इस मामले में तीन MPSC अधिकारियों समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें MPSC के अवर सचिव अभिजीत गणपतराव लेंडवे, सहायक कक्ष अधिकारी विश्वेश्वर दत्तात्रय नकाते और गोपाल भट्टू मराठे, नंदुरबार की कौटिल्य अकादमी के संचालक प्रवीण दिलीप पाटिल, अमृत नामदेव पाटिल और लोकश उर्फ गौरव राजेंद्र पाटिल शामिल हैं।
क्या था सवालों का सुपरसेट?
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा के लिए विशेषज्ञों द्वारा तैयार किए गए गोपनीय प्रश्नों के ‘सुपरसेट’ की जिम्मेदारी MPSC अधिकारी विश्वेश्वर नकाते के पास थी। आरोप है कि नकाते ने 294 सवालों को अपने लैपटॉप पर टाइप कर एक अलग सेट तैयार किया और वास्तविक गोपनीय सुपरसेट को वापस अपनी जगह रख दिया। इसके बाद उसने इन 294 सवालों का प्रिंटआउट निकाला और MPSC कार्यालय के पार्किंग लॉट में अवर सचिव अभिजीत लेंडवे को सौंपा। लेंडवे ने यह सेट MPSC अधिकारी गोपाल मराठे को दिया। जांच के मुताबिक मराठे का नंदुरबार में कोचिंग क्लास चलाने वाले प्रवीण पाटिल से संपर्क था और उसने यह सवालों का सेट प्रवीण पाटिल तक पहुंचाया।
इसके बाद प्रवीण पाटिल ने कथित तौर पर यह सेट ऋतुजा पाटिल के पिता अमृत पाटिल को दिया। पुलिस के मुताबिक, अमृत पाटिल ने इसके लिए प्रवीण पाटिल को 5 लाख रुपये दिए थे। जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों के बीच संपर्क कराने में मयूर ठाकरे की भूमिका थी। बाद में ऋतुजा पाटिल को यह प्रश्न सेट मिला और उसने इसे अपने प्रेमी रहे गौरव पाटिल के साथ व्हाट्सएप पर साझा किया।
सेट में से कई सवाल परीक्षा में आए
पुलिस जांच में सामने आया है कि 294 सवालों के इस गोपनीय सेट में से कई सवाल वास्तविक परीक्षा में आए। सभी 100 सवाल इसी सुपरसेट से परीक्षा में पूछे गए थे। ऋतुजा पाटिल को परीक्षा से दो दिन पहले, यानी 20 मार्च को, 22 मार्च को होने वाली परीक्षा के सवालों का यह सेट मिलने का आरोप है। आरोप है कि उसे और उसके पिता अमृत पाटिल की ओर से कहा गया था कि सभी 100 सवाल सही करने की कोशिश न करे, क्योंकि इससे संदेह पैदा हो सकता है। ऋतुजा ने कथित तौर पर 91 सवाल अटेम्प्ट किए और उनमें से 77 के सही जवाब दिए। पुलिस जांच में सामने आया है कि 294 सवालों की तैयारी के लिए उसे सिर्फ दो दिन मिले थे।
ब्रेकअप से कैसे खुला राज?
इस मामले में एक अहम पहलू गौरव पाटिल का है। गौरव खुद इस मामले में गिरफ्तार छह आरोपियों में शामिल है, जबकि शुरुआत में उसी ने MPSC को ई-मेल कर कथित पेपर लीक की जानकारी दी थी। पुलिस के मुताबिक गौरव और ऋतुजा के बीच संबंध थे। ऋतुजा के पिता की ओर से गौरव से शादी को मंजूरी नहीं मिलने को दोनों के बीच विवाद और बाद में ब्रेकअप की बड़ी वजह बताया जा रहा है। ऋतुजा के परीक्षा में सफल होने और बाद में दोनों के रिश्ते में दरार आने के बाद गौरव ने MPSC को शिकायत भेजी। पुलिस का आरोप है कि शिकायत करने वाला गौरव खुद भी लीक हुए सवालों का लाभार्थी था।
भाई को नहीं दिया लीक पेपर- आरोपी गौरव
जांच में यह भी सामने आया है कि गौरव पाटिल का भाई ड्रग इंस्पेक्टर की परीक्षा में शामिल हुआ था। हालांकि, वह परीक्षा में सफल नहीं हुआ। गौरव का दावा है कि भाई-भाई के बीच कथित ‘सिबलिंग राइवलरी’ के कारण उसने ऋतुजा से मिले सवालों का सेट अपने भाई को नहीं दिया। अब पुलिस इस दावे की भी जांच कर रही है कि क्या गौरव ने अपने भाई को सवालों का सेट दिया था और अगर दिया था तो लीक हुए सवाल मिलने के बावजूद उसका भाई परीक्षा में सफल क्यों नहीं हुआ।
अन्य अभ्यर्थियों को भी सवाल बेचने का शक
पुलिस को यह भी शक है कि प्रवीण पाटिल ने केवल ऋतुजा के पिता को ही यह सुपरसेट नहीं दिया, बल्कि परीक्षा में शामिल अन्य अभ्यर्थियों को भी सवाल बेचे हो सकते हैं। इस एंगल की जांच अभी जारी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि 294 सवालों का सेट कितने लोगों तक पहुंचा और इसके बदले कितने पैसे लिए गए। इस पूरे मामले में ऋतुजा पाटिल की भूमिका की भी जांच चल रही है। क्राइम ब्रांच ने उसे नोटिस जारी किया है। वहीं मयूर ठाकरे की तलाश भी की जा रही है। पुलिस के मुताबिक मयूर ठाकरे ने ही अमृत पाटिल और प्रवीण पाटिल के बीच संपर्क कराने में भूमिका निभाई थी।
11 साल बाद आई थी ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती
ड्रग इंस्पेक्टर की यह भर्ती परीक्षा करीब 11 साल बाद आयोजित हुई थी। 2025 में जारी विज्ञापन के बाद 22 मार्च 2026 को 154 ग्रुप-B पदों के लिए स्क्रीनिंग परीक्षा आयोजित की गई थी। परीक्षा राज्य के छह राजस्व संभागीय मुख्यालयों में हुई थी और इसमें करीब 44,500 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। परिणाम 12 जून को जारी हुए, जिसके बाद 506 अभ्यर्थी इंटरव्यू के लिए पात्र घोषित किए गए और 488 अभ्यर्थियों की प्रोविजनल मेरिट लिस्ट जारी हुई।
MPSC ने रद्द कर दी परीक्षा
पेपर लीक की शिकायतों और प्रारंभिक जांच के बाद MPSC ने 26 अगस्त को ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती प्रक्रिया रद्द करने का फैसला किया है। आयोग अब दोबारा परीक्षा आयोजित करेगा। यानी पेपर लीक के आरोपों की वजह से उन हजारों अभ्यर्थियों को दोबारा परीक्षा देनी होगी, जिन्होंने 22 मार्च को परीक्षा दी थी।
प्रश्नपत्रों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल
इस मामले ने MPSC की परीक्षा व्यवस्था और गोपनीय प्रश्नपत्रों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच का अगला फोकस यह पता लगाने पर है कि 294 सवालों का सुपरसेट तैयार होने से लेकर उसे अलग-अलग लोगों तक पहुंचाने में कौन-कौन शामिल था, क्या इसे अन्य अभ्यर्थियों को भी बेचा गया और इस पूरे नेटवर्क में कितने लोगों को फायदा पहुंचा।
ये भी पढ़ें- EXCLUSIVE: MPSC पेपर लीक मामले में मुंबई पुलिस ने 6 आरोपियों को किया गिरफ्तार, दोबारा होगी परीक्षा
महाराष्ट्र TET पेपर लीक मामले में बड़ा खुलासा, आगरा की प्रिंटिंग प्रेस में हुई सुरक्षा में बड़ी चूक







