उत्तर प्रदेश के कानपुर दक्षिण कमिश्नरेट के सेन पश्चिम पारा थाना क्षेत्र के न्योरी गांव में मंगलवार सुबह उस समय पुलिस-प्रशासन में हड़कंप मच गया, जब एक युवक गले में फंदा डालकर अपने घर की पहली मंजिल की रेलिंग पर बैठ गया। युवक मुकदमा दर्ज कराने और न्याय दिलाने की मांग कर रहा था। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और उसे नीचे उतारने के लिए समझाने का प्रयास शुरू किया। करीब छह घंटे तक पुलिस युवक से बातचीत करती रही। बाद में उसकी तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया और FIR की प्रति दिखाए जाने के बाद वह रेलिंग से नीचे उतरा।
घटना के दौरान युवक ने अपनी पत्नी और तीन बच्चों को घर के अंदर कर मुख्य गेट बंद कर लिया था। इसके बाद उसने बालकनी की रेलिंग में रस्सी बांधकर गले में फंदा डाल लिया। युवक की मांग थी कि उसकी शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया जाए और उसे न्याय मिले।
सुबह 6 बजे घर की बालकनी पर पहुंचा युवक
न्योरी गांव निवासी श्याम सुंदर मंगलवार सुबह करीब छह बजे अपने घर की पहली मंजिल पर पहुंचा। बताया गया कि उसने पत्नी गोमती और तीन बच्चों को घर के अंदर कर दिया और मुख्य गेट बंद कर लिया। इसके बाद बालकनी की रेलिंग में रस्सी बांधकर फंदा डाल लिया। युवक को इस हालत में देखकर आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। मामले की सूचना पुलिस को दी गई। कुछ ही देर में सेन पश्चिम पारा थाने की पुलिस मौके पर पहुंच गई। युवक को सुरक्षित नीचे उतारने के लिए पुलिस अधिकारियों ने उससे बातचीत शुरू की।
मुकदमा दर्ज कराने की मांग पर अड़ा रहा
पुलिस के समझाने के बावजूद युवक अपनी मांग से पीछे हटने को तैयार नहीं था। वह लगातार अपनी शिकायत पर कार्रवाई और मुकदमा दर्ज करने की मांग करता रहा। पुलिस अधिकारियों ने उसे समझाकर नीचे उतरने के लिए कहा, लेकिन वह अपनी बात पर अड़ा रहा। स्थिति को देखते हुए मौके पर फायर ब्रिगेड की टीम को भी बुलाया गया। पुलिस और अन्य टीमों ने करीब छह घंटे तक युवक को समझाने का प्रयास किया। इस दौरान युवक ने कुछ पुराने ऑडियो भी पुलिस और मौके पर मौजूद लोगों को सुनाए। युवक ने इन ऑडियो के माध्यम से अपने आरोपों से जुड़े साक्ष्य होने का दावा किया।
एक साल पुराने विवाद का बताया मामला
श्याम सुंदर का आरोप है कि करीब एक साल पहले उसका पड़ोसी रामबाबू से विवाद हुआ था। युवक के मुताबिक, उस विवाद के बाद उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। उसने पुलिस पर थाने में उसके साथ मारपीट किए जाने का भी आरोप लगाया है। युवक का दावा है कि उसने मामले को लेकर कई स्तरों पर अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। उसका कहना है कि वह करीब एक साल से अधिकारियों के चक्कर लगा रहा था और मुख्यमंत्री के जनता दरबार समेत जिले के अधिकारियों को करीब दो दर्जन प्रार्थनापत्र दे चुका है। हालांकि, युवक की ओर से लगाए गए इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस ने भी मामले के सभी पहलुओं की जांच की बात कही है।
तहरीर पर FIR दर्ज होने के बाद उतरा नीचे
काफी देर तक चले समझाने के प्रयास के बाद पुलिस ने युवक की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया। इसके बाद पुलिस ने उसे FIR दर्ज होने की प्रति दिखाई। मुकदमा दर्ज होने की पुष्टि होने के बाद श्याम सुंदर रेलिंग से नीचे उतर आया, पुलिस के लिए युवक को सुरक्षित नीचे उतारना बड़ी चुनौती बना हुआ था। करीब छह घंटे तक चले इस पूरे घटनाक्रम के दौरान पुलिस टीम लगातार उससे बातचीत करती रही, ताकि किसी तरह की अनहोनी न हो।
पुलिस बोली- आरोपों की जांच जारी
एसीपी घाटमपुर कृष्णकांत के अनुसार, युवक ने जो आरोप लगाए हैं, उनकी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। फिलहाल युवक के मुकदमा दर्ज कराने की मांग को लेकर घंटों तक रेलिंग पर बैठे रहने की घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए युवक की शिकायत और उससे जुड़े पुराने विवाद की जांच शुरू कर दी है।
कानपुर से अनुराग श्रीवास्तव की रिपोर्ट
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