हरियाणा में अपनी संपत्ति बच्चों या पोते-पोतियों को ट्रांसफर करने वाले परिवारों के लिए बड़ी राहत की खबर है। राज्य सरकार ने साफ कर दिया है कि जीवनकाल में परिवार के सदस्यों को संपत्ति ट्रांसफर करने पर मिलने वाली 100% स्टांप ड्यूटी छूट नाती-नातिन को भी मिलेगी। यानी बेटी के बच्चों को संपत्ति देने पर भी अब स्टांप ड्यूटी नहीं लगेगी।
पुराने नियम में था भ्रम
हरियाणा सरकार ने साल 2014 में भारतीय स्टांप अधिनियम, 1899 की धारा 9 के तहत जीवनकाल में करीबी रिश्तेदारों के नाम संपत्ति ट्रांसफर करने पर 100% स्टांप ड्यूटी माफ की थी। इसमें माता-पिता, बच्चे, पोते-पोतियां, भाई-बहन और पति-पत्नी जैसे रिश्ते शामिल थे। हालांकि, इस नियम के हिंदी संस्करण में पौत्र-पौत्री शब्द का इस्तेमाल किया गया था। इसका अर्थ आमतौर पर बेटे के बच्चों से लगाया जा रहा था। दूसरी ओर, अंग्रेजी नोटिफिकेशन में ‘grandchildren’ शब्द का इस्तेमाल किया गया था। इस भाषाई अंतर के कारण कई जगहों पर भ्रम की स्थिति बन गई थी और कुछ मामलों में बेटी के बच्चों को इस छूट का लाभ नहीं मिल पा रहा था।
सरकार ने जारी किया शुद्धि पत्र
इस भ्रम को दूर करने के लिए हरियाणा के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने 24 जुलाई 2026 को शुद्धि पत्र जारी किया, जिसे 13 अगस्त को हरियाणा सरकार के राजपत्र में प्रकाशित किया गया। इस संशोधन में पौत्र-पौत्री के साथ दोहता-दोहती/नाती-नातिन को भी स्पष्ट रूप से शामिल कर दिया गया है। इसका मतलब है कि अब बेटे और बेटी के बच्चों को संपत्ति ट्रांसफर करने के मामले में समान अधिकार मिलेगा।
100% स्टांप ड्यूटी छूट का फायदा
प्रदेश की राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्तीय आयुक्त सुमिता मिश्रा के मुताबिक, इस बदलाव से लोगों को संपत्ति ट्रांसफर करते समय अनावश्यक टैक्स विवाद और दफ्तरों के चक्कर से राहत मिलेगी। अब यदि कोई व्यक्ति अपने जीवनकाल में अपनी संपत्ति बेटी के बेटे या बेटी यानी नाती-नातिन के नाम ट्रांसफर करता है और ट्रांसफर निर्धारित पारिवारिक श्रेणी में आता है, तो उसे 100% स्टांप ड्यूटी छूट का लाभ मिलेगा।
पुराने मामलों में भी मिलेगी स्पष्टता
सरकार ने इस बदलाव को मूल 2014 के आदेश के स्पष्टीकरण के तौर पर जारी किया है। इससे राज्य के राजस्व और रजिस्ट्री कार्यालयों में पुराने नियम को लेकर मौजूद भ्रम भी दूर होगा।









