महाराष्ट्र में वाहन चालकों के लिए मराठी भाषा के ज्ञान को लेकर राज्य सरकार सख्ती की तैयारी में है। महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा है कि किसी चालक को मराठी भाषा आती है या नहीं, इसकी जांच और इस संबंध में कार्रवाई का अधिकार RTO अधिकारियों के पास होगा।
मराठी भाषा सीखने के लिए चलाया गया अभियान
प्रताप सरनाईक ने बताया कि 1 मई से 15 अगस्त तक गैर-मराठी भाषी चालकों के लिए मराठी भाषा ज्ञान अभियान चलाया गया, जो अब समाप्त हो गया है। उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत जिन लोगों ने मराठी भाषा सीखी है, उनका अभिनंदन किया जाना चाहिए और भविष्य में भी इस तरह का अभियान जारी रहेगा।
आगे की रणनीति तय करने के लिए बुलाई गई बैठक
परिवहन मंत्री के मुताबिक, इस मुद्दे पर आगे की रणनीति तय करने के लिए बैठक बुलाई गई है। बैठक में अभियान से जुड़े आंकड़े भी पेश किए जाएंगे और इसके आधार पर आगामी 6 महीने का प्लान तैयार किया जाएगा।
3 महीने के लिए रद्द किया जा सकता है लाइसेंस
सरनाईक ने बताया कि 12 अगस्त 2026 को तय किए गए नियमों के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया निर्धारित की गई है। पहले संबंधित व्यक्ति को एक महीने का नोटिस दिया जाएगा। इसके बाद भी नियमों का पालन नहीं करने पर तीन महीने के लिए लाइसेंस निलंबित किया जा सकता है और आगे चलकर परमिट रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी।
RTO अधिकारियों के पास हैं कार्रवाई के अधिकार
उन्होंने कहा कि अब तक करीब 1 लाख 65 हजार लोगों ने मराठी भाषा सीखने के लिए आवेदन किया है, जिन्हें सर्टिफिकेट भी दिए गए हैं। सरनाईक ने कहा कि वाहन चालकों को सामान्य बातचीत के लिए मराठी भाषा का ज्ञान होना चाहिए, जबकि RTO की कार्रवाई की प्रक्रिया अलग होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाषा ज्ञान की जांच करने और कार्रवाई तय करने का पूरा अधिकार RTO अधिकारियों के पास होगा। इसके साथ ही परिवहन मंत्री ने यह भी कहा कि मराठी भाषा के मुद्दे पर गलत वीडियो जारी करने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वंदे मातरम् के मुद्दे पर भी बोले सरनाईक
वहीं, ठाणे में कथित तौर पर एकनाथ शिंदे के कार्यक्रम में गलती से ‘वंदे मातरम्’ एल्बम का एक गीत बजने के मुद्दे पर भी प्रताप सरनाईक ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व का वंदे मातरम् पर क्या स्टेंड है। ये सब जानते हैं। सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व इस मुद्दे पर क्या करता है, यह वही जानता है और इसी वजह से पार्टी की मौजूदा स्थिति ऐसी है।
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