दिव्यांग युवक ने किया अवैध संबंध का विरोध तो पुजारी ने दोस्त समेत मारकर मंदिर में दफनाया, ऊपर टाइल्स लगाकर जला दिया धूना

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उत्तर प्रदेश के बागपत में एक मंदिर के पुजारी ने दो युवकों की हत्या कर दी। इसके बाद उनके शव मंदिर में ही दफना दिए और ऊपर से टाइल्स लगा दी। टाइल्स पर धूना जला दिया और सामान्य तरीके से रहने लगा। लंबे समय तक दोनों लड़के घर नहीं लौटे तो परिजनों ने पुलिस के पास शिकायत की। पुलिस ने जांच शुरू की तो पुजारी का नाम भी आया। ऐसे में पुलिस ने पूछताछ के बाद पुजारी से कहा कि वह गांव छोड़कर नहीं जाएगा। हालांकि, मौका मिलते ही पुजारी फरार हो गया। ऐसे में पुलिस का शक बढ़ा और एक शिष्य से सख्ती से पूछताछ की तो उसने हत्या की बात स्वीकार की।

घटना सिंगोली तगा गांव की है। यहां दो दोस्तों की हत्या करके उनका शव मंदिर परिसर में गाड़ दिया गया। हत्या करने का आरोप गणेश मंदिर के पुजारी और उसके दो शिष्यों पर लगा है। पुलिस के मुताबिक मृतक अंकित के परिवार की किसी महिला से पुजारी के अवैध संबंध थे, जिसका अंकित को पता चल गया और उसने पुजारी को धमकाया था। पुजारी ने दिव्यांग अंकित और उसके दोस्त इसरार को रास्ते से हटाने का प्लान बताया। 

इंजेक्शन देकर की हत्या

पुजारी ने जहरीला इंजेक्शन देकर देकर दोनों की हत्या कर दी और मंदिर परिसर स्थित आवास में शव दफना दिये। किसी को शक न हो जमीन के ऊपर इंटरलॉकिंग टाइल्स लगा दी। पुजारी ने टाइल्स के ऊपर ही धुना जलाकर रख दिया। पुलिस पूछताछ मे पुजारी ने पुलिस को गुमराह किया और फरार हो गया, पुलिस पुजारी और उसके एक शिष्य की तलाश कर रही है, जबकि दो शिष्य पुलिस हिरासत में हैं।

25 जुलाई को लापता हुआ था अंकित

25 जुलाई को दिव्यांग अंकित अपने दोस्त इसरार की बाइक पर खेकड़ा जाने की बात कह कर घर से निकला था। सबसे पहले वह लहचौड़ा गांव के श्री गणेश मंदिर के पुजारी के पास गया और उसने पुजारी से अवैध संबंधों का विरोध करते हुए पीछे हटने के लिए कहा। पुजारी ने उसे धमकाया। इसके बाद अपने शिष्य किशोर और अन्य दो शिष्यों के साथ मिलकर अंकित और इसरार की हत्या कर दी। 

पुजारी ने पुलिस ने बोला झूठ

दोनों परिवार अपने घर के बच्चों को ढूंढ रहे थे। थक हार कर अंकित की बहन ने 29 जुलाई में चांदीनगर थिने में गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत मिलने पर तलाश के लिए टीमें गठित कर दी। इस दौरान दो बार श्री गणेश मंदिर के पुजारी नरेश नाथ से भी पूछताछ की, उनसे पुलिस को गुमराह करते हुए बताया कि दोनों लोग मिलने मंदिर पर आए थे, लेकिन उसके बाद पता नहीं कहां गये। पुलिस ने पुजारी को छोड़ते हुए कहा कि वह बाहर नहीं जायेगा, पुलिस जब बुलायेंगी तो आना होगा। नरेश नाथ ने पुलिस को आश्वासन दिया की वह आ जायेगा। पुलिस हिरासत से छूटने के बाद वह अपने शिष्य किशोर के साथ फरार हो गया है, पुलिस ने गिरफ्तारी के लिए टीमें लगा रखी है।

नींद की गोलियां देने के बाद लगाया इंजेक्शन

बागपत पुलिस ने पुजारी के शिष्य उज्ज्वल को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की तो पता चला कि नरेश नाथ ने उज्ज्वल, कृष्णा के साथ मिलकर दिव्यांग अंकित और इसरार को टहले चाय में मिलाकर नींद की गोलियां दी, फिर उनके जहरीला इंजेक्शन लगाया गया। घटना का किसी को पता न चले इसके लिए शव को मंदिर परिसर में ही गढ्ढा खोदकर दबा दिया गया। जिसके बाद टाइल्स लगाकर धुना जमा दिया गया। 

पुजारी को तलाश रही पुलिस

पुलिस ने उज्ज्वल को गिरफ्तार करते हुए उसकी निशानदेही पर दोनों शवों को गढ्ढे से बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं। वहीं फारेंसिक टीम को नशे की गोलियों का रेपर मिला है, साथ ही वह घटनास्थल के पास से साक्ष्य जुटाते हुए जांच कर रही है। पुलिस का दावा है कि मुखबिर से लहचौड़ा स्थित गणेश मंदिर के महंत नरेश नाथ के बारे में जानकारी मिली है और वह जल्दी ही पुलिस गिरफ्त में होगा। अंकित और इसरार के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। इसरार के परिजनों का कहना है कि अंकित दिव्यांग है और इसरार उसके घर में पुताई का काम कर रहा था, मदद करने के चक्कर में उनके बच्चे की भी जान चली गई। फिलहाल पुलिस आरोपी पुजारी की गिरफ्तारी के लिए जगह जगह दबिश दे रही है।

(बागपत से हिमा अग्रवाल की रिपोर्ट)

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