करवाचौथ का व्रत विवाहित महिलाओं के लिए बेहद खास होता है। इस व्रत को पति की दीर्घायु सुख और समृद्धि की कामना का प्रतीक माना जाता है।
करवा चौथ पर शुभ मुहूर्त में पूजा करने से वैवाहिक जीवन में सुख-शांति बनी रहती है और पति को दीर्घायु की प्राप्ति होती है। आइए जानते हैं कि इस दिन पूजा करने का शुभ मुहूर्त कब है और आपके शहर में कितने बजे चांद निकलेगा।
लखनऊ में कब निकलेगा चांद? Karwa Chauth Moonrise Time 2026
करवाचौथ पर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रात करीब 8 बजकर 06 मिनट के आस-पास चांद निकलेगा। इस दौरान व्रत रखने वाली विवाहित महिलाएं पूजा कर सकती हैं।
करवाचौथ व्रत की आरती
ओम जय करवा मैया , माता जय करवा मैया।
जो व्रत करे तुम्हारा, पार करो नइया..
ओम जय करवा मैया।
सब जग की हो माता, तुम हो रुद्राणी।
यश तुम्हारा गावत, जग के सब प्राणी.. ओम जय करवा मैया।
कार्तिक कृष्ण चतुर्थी, जो नारी व्रत करती।
दीर्घायु पति होवे , दुख सारे हरती..
ओम जय करवा मैया।
होए सुहागिन नारी, सुख संपत्ति पावे।
गणपति जी बड़े दयालु, विघ्न सभी नाशे..
ओम जय करवा मैया।
करवा मैया की आरती, व्रत कर जो गावे।
व्रत हो जाता पूरन, सब विधि सुख पावे..
ओम जय करवा मैया।
चंद्रमा को अर्घ्य देने के मंत्र (Karwa Chauth Mantra)
करवाचौथ व्रत के दौरान चंद्रमा की पूजा करते समय तीन मंत्र ॐ सोम सोमाय नमः, ॐ चंद्राय नमः, ॐ सोमाय नमः का जाप करना चाहिए। इस दौरान चंद्रमा का दर्शन करते हुए ध्यान करें।
घी का दीपक जलाएं
करवाचौथ पर अगर आप छलनी से चांद के दर्शन करती हैं तो छलनी में एक घी का दीपक जलाएं और चंद्रमा की पूजा करें। छलनी में चांद के दर्शन करने के बाद पति के दर्शन करें।
करवाचौथ की पूजा थाली में क्या रखें?
कई चीजें ऐसी होती हैं जिसे करवाचौथ की थाली में रखना बेहद शुभ माना जाता है। पूजा के समय थाली में 7 अनाज रखें और करवा में 28 सींकें लगाएं। पूजा शुरू करें और इस दौरान करवाचौथ व्रत कथा पढ़ें या सुनें।
करवा चौथ पूजा मुहूर्त (Karwa Chauth Puja Muhurat 2026)
करवा चौथ पर 29 अक्टूबर को शाम 05 बजकर 38 मिनट से 06 बजकर 56 मिनट तक रहेगा। इस दौरान कुल 01 घंटा 17 मिनट का शुभ मुहूर्त रहेगा।
करवा चौथ व्रत (Karwa Chauth Vrat)
कार्तिक कृष्ण पक्ष चतुर्थी आरंभ 28 अक्टूबर मध्यरात्रि 1 बजकर 6 मिनट से हुआ। वहीं, इसका समापन 29 अक्टूबर को रात्रि 10 बजकर 9 मिनट पर होगा। इस दौरान व्रत रखना बेहद खास होगा।








