पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर स्थित DPL टाउनशिप इलाके में रविवार की रात जबरदस्त अफरा-तफरी मच गई। भ्रष्टाचार के कई आरोपों से घिरे दुर्गापुर नगर निगम के वार्ड नंबर 39 के पूर्व तृणमूल पार्षद शशांक शेखर मंडल के इलाके में वापस लौटने की खबर मिलते ही स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। गुस्साई भीड़ ने उनके घर को घेर लिया और जमकर तोड़फोड़ की। पुलिस को हालात पर काबू पाने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा और साथ ही आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए। फिलहाल आरोपी पूर्व तृणमूल पार्षद शशांक शेखर मंडल को गिरफ्तार कर लिया गया है।
क्या था पूरा मामला
दुर्गापुर नगर निगम के वार्ड नंबर 39 के पूर्व तृणमूल पार्षद शशांक शेखर मंडल चुनाव के बाद से ही इलाके से बाहर थे। रविवार शाम को जैसे ही यह खबर फैली कि भ्रष्टाचार के कई आरोपों में लिप्त तृणमूल नेता अपने घर वापस लौट आए हैं। तभी गुस्साई भीड़ ने उनके घर पर हमला कर दिया और जमकर तोड़फोड़ भी की। इलाके के लोगों ने उनके घर को घेरकर जमकर विरोध प्रदर्शन भी किया। लोगों ने आवाज उठाई कि भ्रष्टाचार के आरोपी पूर्व तृणमूल पार्षद शशांक शेखर मंडल को इस इलाके में नहीं रहने देना चाहिए।
पूर्व तृणमूल पार्षद शशांक शेखर मंडल की गिरफ्तारी
जानकारी मिलते ही मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल पहुंचा। लेकिन इसके बाद भी स्थिति शांत नहीं हुई। तो ऐसे में गुस्साई भीड़ को शांत करने के लिए लाठीचार्ज के साथ ही आंसू गैस भी छोड़नी पड़ी। करीब तीन घंटे तक चले इस हंगामे के बाद आखिरकार पुलिस ने आरोपी पूर्व तृणमूल पार्षद शशांक शेखर मंडल को गिरफ्तार कर लिया। इस घटना से कोकोवाने थाना अंतर्गत डीपीएल टाउनशिप इलाके में तनाव फैल गया है।
जानकारी अनुसार पूर्व तृणमूल पार्षद शशांक शेखर मंडल पर रंगदारी और लोगों को डराने समेत कई गंभीर आरोप हैं। सरकार बदलने के बाद से ही शंशाक शेखर अपने इलाके से बाहर रह रहे थे। लेकिन रविवार की रात जैसे ही उन्होंने अपने घर में घुसने की कोशिश की, तो लोगों ने इस बात पर जमकर हंगामा किया और उनके घर पर हमला बोल दिया। लोगों की मांग है कि उन्हें इस इलाके में नहीं रहने दिया जाए।
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