रात में जब आप कई घंटों तक एक ही जगह आराम करते हैं, तो जोड़ों में मौजूद सिनोवियल फ्लूड जो जोड़ों का चिकनाई वाला तरल पदार्थ होता है वो धीरे-धीरे कम सक्रिय हो जाता है। जब आप सो रहे होते हैं तो नेचुरली शरीर में सूजन से जुड़े संकेत बढ़ सकते हैं और सुबह के समय इनका स्तर सबसे ज्यादा हो सकता है। सोने से शरीर में कम कम हलचल होती है जिससे ब्लड सर्कुलेशन भी कम हो जाता है। सोते समय शरीर की हलचल कम होने से जोड़ों और उनके आसपास के टिशूज में रक्त का संचार भी कम हो सकता है। इसी वजह से सुबह बिस्तर से उठकर पहले कुछ कदम जब आप चलते हैं तो जोड़ थोड़े अकड़े हुए महसूस हो सकते हैं। कुछ देर चलने-फिरने के बाद जोड़ों में मौजूद तरल फिर सक्रिय होता है और अकड़न कम होने लगती है। जाने माने कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर आलोक चोपड़ा ने बताया जोड़ों की अकड़न कैसे दूर करें?
जोड़ों में अकड़न कब बन सकती है परेशानी
जोड़ों की अकड़न अगर कुछ ही मिनटों तक रहती है और चलने-फिरने से ठीक हो जाती है, तो आमतौर पर चिंता की बात नहीं होती। लेकिन लंबे समय तक रहने वाली अकड़न परेशान कर सकती है। अगर अकड़न एक घंटे या उससे ज्यादा समय तक रहती है, खासकर रोजाना ऐसा होता है, तो इस पर ध्यान देना जरूरी है। अगर अकड़न के साथ जोड़ों में सूजन, गर्माहट या दर्द भी हो, तो यह किसी अंदरूनी समस्या का संकेत हो सकता है।
शरीर के संकेतों को समझें
जोड़ों में अकड़न कितनी बार होती है, कितनी देर रहती है और चलने-फिरने के बाद उसमें कितना सुधार होता है। इन बातों से समस्या की वजह समझने में मदद मिल सकती है। सिर्फ यह मायने नहीं रखता कि जोड़ कितने अकड़ते हैं, बल्कि यह भी जरूरी है कि अकड़न कितनी बार, कितनी देर और किन लक्षणों के साथ होती है।
सुबह जोड़ों की अकड़न कैसे दूर करें?
धीरे-धीरे शरीर को चलाएं- बिस्तर से उठते ही अचानक तेज एक्टिविटी करने के बजाय कुछ हल्की एक्सरसाइज या मूवमेंट करें। हाथ-पैर हिलाना, घुटनों को धीरे-धीरे मोड़ना और सीधा करना जैसे छोटे मूवमेंट जोड़ों को सक्रिय करने में मदद कर सकते हैं। इसके बाद धीरे-धीरे चलना शुरू करें।
सुबह पर्याप्त पानी पिएं- सुबह उठने के बाद पानी पीना शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करता है। शरीर में पानी की पर्याप्त मात्रा रहना सामान्य शारीरिक कार्यों के लिए जरूरी है। इसलिए दिन की शुरुआत एक गिलास पानी से करना अच्छी आदत हो सकती है।
खान-पान पर ध्यान दें- लंबे समय तक जोड़ों और पूरे शरीर की सेहत के लिए संतुलित रखने के लिए पौष्टिक भोजन जरूरी है। खाने में फल, सब्जियां, साबुत अनाज, दालें, नट्स और अच्छे फैट वाले खाद्य पदार्थ शामिल करें। बहुत ज्यादा प्रोसेस्ड और अत्यधिक मीठे खाद्य पदार्थों का सेवन कम करना बेहतर है।
गर्माहट से मिल सकती है राहत- सुबह गुनगुने पानी से नहाना या प्रभावित हिस्से पर हल्की गर्म सिकाई करना कुछ लोगों में जोड़ों की अकड़न कम करने और आराम महसूस कराने में मदद कर सकता है। गर्माहट से शरीर में रक्त संचार बढ़ने में भी मदद मिलती है।
रोजाना की छोटी आदतें ज्यादा मायने रखती हैं- जोड़ों की सेहत के लिए एक दिन बहुत ज्यादा एक्सरसाइज करने से ज्यादा जरूरी है कि आप रोज थोड़ा-थोड़ा सक्रिय रहें। नियमित वॉक, हल्की स्ट्रेचिंग और सही खान-पान जैसी छोटी आदतों को लगातार अपनाने से लंबे समय में फायदा हो सकता है।
Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)








