रोमांटिक पार्टनर से ज्यादा सुकून देती हैं सहेलियां? जानिए क्यों खास है फीमेल फ्रेंडशिप, दुनिया का सबसे खूबसूरत रिश्ता

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Why Female Friendships Are Important : कहते हैं कि एक लड़की की जिंदगी में कई रिश्ते आते हैं – माता-पिता, भाई-बहन, लाइफ पार्टनर और बच्चे. लेकिन इन सब के बीच एक रिश्ता ऐसा होता है, जिसके बिना उसकी जिंदगी का हर पन्ना अधूरा सा लगता है, और वो है ‘फीमेल फ्रेंडशिप’ यानी सहेलियों का साथ. यह सिर्फ गॉसिप करने या शॉपिंग पर जाने का जरिया नहीं है, बल्कि यह लड़कियों के लिए एक ऐसा सेफ स्पेस है, जहाँ वे बिना किसी डर के खुलकर सांस ले सकती हैं.

बचपन में फिल्मों ने हमें सिखाया था कि कोई ‘प्रिंस चार्मिंग’ आएगा और जिंदगी बदल देगा, लेकिन बड़े होकर समझ आया कि वो राजकुमार मिले न मिले, पर हर ब्रेकअप और बुरे वक्त में हाथ थामने वाली सहेली का होना सबसे ज्यादा जरूरी है. आइए जानते हैं कि क्यों आज की लड़कियां रोमांटिक पार्टनर से ज्यादा अपनी फीमेल फ्रेंड्स पर भरोसा कर रही हैं.

1. बिना बोले सब समझ जाने का हुनर
एक महिला दूसरी महिला की मनोस्थिति को जितनी गहराई से समझ सकती है, वो शायद कोई और नहीं समझ सकता. आपको पीरियड्स का दर्द हो, मूड स्विंग्स हो रहे हों, ऑफिस का स्ट्रेस हो या फिर किसी बात को लेकर मन उदास हो, सहेली को लंबी चौड़ी भूमिका बांधकर समझाने की जरूरत नहीं पड़ती. वो आपके चेहरे के एक छोटे से हाव-भाव या फोन पर आपकी ‘हेलो’ बोलने की टोन से ही भांप लेती है कि दाल में कुछ काला है. यह बिना शर्तों वाली समझ ही इस रिश्ते की सबसे बड़ी ताकत है.

2. कोई जजमेंट नहीं, बस ‘प्योर’ कम्फर्ट
रोमांटिक रिलेशनशिप में अक्सर हमें खुद को बेस्ट दिखाने का एक अनजाना सा प्रेशर होता है. हम पार्टनर के सामने थोड़ा संभलकर, सज-धजकर रहना चाहते हैं. लेकिन सहेलियों के सामने? वहाँ कोई मुखौटा नहीं होता. आप बिना नहाए, बिखरे बालों में, ढीले-ढाले पजामे में भी उनके सामने बैठ सकती हैं. आप अपनी सबसे अजीब आदतें, अपने डर और अपनी नाकामियों को भी उनके सामने टेबल पर रख सकती हैं, क्योंकि आपको पता है कि वो आपका मजाक उड़ाएंगी, डांटेंगी, लेकिन कभी आपको ‘जज’ नहीं करेंगी.

3. जिंदगी के हर उतार-चढ़ाव की गवाह
लड़कियों की दोस्ती वक्त के साथ और गहरी होती जाती है क्योंकि वे एक-दूसरे को बदलते हुए देखती हैं. कॉलेज के पहले क्रश से लेकर पहले ब्रेकअप तक, करियर की पहली नौकरी से लेकर शादी के फेरों तक, और फिर मां बनने के बाद की चुनौतियों तक—एक सहेली जिंदगी के हर फेज में साथ खड़ी रहती है. जब रोमांटिक पार्टनर्स या सिचुएशनशिप्स जिंदगी से आते-जाते रहते हैं, तब ये सहेलियां ही होती हैं जो एक कॉन्सटेंट (स्थिर) बनकर लाइफ को संभाले रखती हैं.

4. इमोशनल लेबर का बराबर बंटवारा
अक्सर महिलाएं अपने बाकी के रिश्तों में ‘गिवर’ (देने वाली) की भूमिका में होती हैं, वे घर संभालती हैं, पार्टनर की जरूरतों का ध्यान रखती हैं, बच्चों को पालती हैं. इस पूरे प्रोसेस में वे अंदर से खाली और थका हुआ महसूस करने लगती हैं. ऐसे में सहेलियों का साथ उनके लिए एक ‘रीचार्जिंग स्टेशन’ की तरह काम करता है. सहेलियों के ग्रुप में कोई अकेला बोझ नहीं उठाता, वहाँ हर कोई एक-दूसरे को इमोशनल सपोर्ट देता है. वहाँ खुलकर रोया भी जा सकता है और अगले ही पल पेट पकड़कर हंसा भी जा सकता है.

5. एक-दूसरे की सबसे बड़ी ‘चीयरलीडर’
जहाँ दुनिया महिलाओं को एक-दूसरे की दुश्मन या कॉम्पिटिटर के रूप में दिखाने की कोशिश करती है, वहीं असलियत इसके बिल्कुल उलट है. एक सच्ची फीमेल फ्रेंडशिप में जलन नहीं, बल्कि गर्व होता है. जब आप अपनी जिंदगी में कुछ बड़ा हासिल करती हैं, तो आपकी सहेली आपसे ज्यादा खुश होती है. वो आपकी सबसे बड़ी फैन बनती है, आपके पोस्ट्स पर सबसे पहले कमेंट करती है और जब आपका कॉन्फिडेंस डगमगाता है, तो वो आपको याद दिलाती है कि आप कितनी कमाल की इंसान हो.

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आखिरी बात
सीधी सी बात है, लाइफ पार्टनर आपको प्यार दे सकता है, सुरक्षा दे सकता है, लेकिन वो कभी आपकी ‘सहेली’ नहीं बन सकता. जिंदगी के सफर में जब धूप तेज हो और रास्ते थका देने वाले हों, तब सहेलियों की वो दो मिनट की बकवास बातचीत और एक कप चाय पूरे दिन की थकान मिटा देती है. इसलिए, ‘प्रिंस चार्मिंग’ मिले न मिले, पर जिंदगी में एक ‘शालीन’ जैसी सहेली का होना बेहद जरूरी है!



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