श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) प्रमुख महबूबा मुफ्ती मंगलवार रात श्रीनगर में हुए एक धरने के दौरान तिरंगा उल्टा पकड़ने को लेकर विवादों में आ गई हैं। इस घटना के बाद अधिकारियों ने कहा है कि मामले में कानूनी कार्रवाई की संभावना पर विचार किया जा रहा है।
हालांकि बाद में महबूबा ने राष्ट्रीय ध्वज को सही से पकड़ लिया था।
पीडीपी कार्यालय के बाहर दिया था धरना
महबूबा मुफ्ती ने अपनी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ श्रीनगर स्थित पीडीपी कार्यालय के बाहर धरना दिया। यह प्रदर्शन केंद्र सरकार द्वारा अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35ए को हटाकर जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त किए जाने के विरोध में आयोजित किया गया था।
धरने के दौरान महबूबा मुफ्ती के हाथ में भारत का राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगा) और पूर्ववर्ती जम्मू-कश्मीर राज्य का ध्वज दोनों थे। अधिकारियों के अनुसार, इसी दौरान उन्होंने तिरंगे को गलती से उल्टा पकड़ लिया, जिसके बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया। अधिकारियों का कहना है कि इस घटना को लेकर कानूनी पहलुओं की जांच की जा रही है और महबूबा मुफ्ती के खिलाफ कार्रवाई की संभावना पर विचार किया जा रहा है।
क्या कहता है फ्लैग कोड ऑफ इंडिया?
फ्लैग कोड ऑफ इंडिया के अनुसार, राष्ट्रीय ध्वज को गलत तरीके से प्रदर्शित करना नियमों का उल्लंघन माना जाता है। इसमें तिरंगे को उल्टा पकड़ना, गलत अनुपात में प्रदर्शित करना या क्षतिग्रस्त (फटा या खराब) झंडे का उपयोग करना शामिल है। नियमों के मुताबिक, तिरंगे में सबसे ऊपर केसरिया रंग, बीच में सफेद रंग जिसके केंद्र में 24 तीलियों वाला गहरे नीले रंग का अशोक चक्र और सबसे नीचे हरा रंग होना चाहिए। तिरंगे को हमेशा इसी क्रम में प्रदर्शित किया जाना जरूरी है।
इससे पहले वह तब चर्चा में आई थीं जब जंतर-मंतर पर दिए गए बयान के लिए महबूबा मुफ्ती ने खेद जताया था और इसे Slip Of Tongue करार दिया था।
बता दें कि हाल ही में महबूबा तब चर्चा में आई थीं, जब दिल्ली के जंतर-मंतर छात्र आंदोलन को मुस्लिम संगठन का समर्थन मिला था और महबूबा बोलीं थीं कि पूरा देश कश्मीर बन रहा है। महबूबा मुफ्ती ने कहा था कि आज देश के हालात चिंताजनक हैं और सबसे ज्यादा अन्याय युवाओं के साथ हो रहा है। उन्होंने कहा था कि आज तो पूरा भारत कश्मीर बन गया है। जो हालात हैं, वे सबके सामने हैं। इस समय सबसे ज्यादा ज्यादती देश का भविष्य कहे जाने वाले नौजवानों के साथ हो रही है। पेपर लीक हो रहे हैं और शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे नौजवानों पर डंडे बरसाए जा रहे हैं। (PTI इनपुट के साथ)
ये भी पढ़ें









