अमेरिका में स्टार्टअप बनाने का सपना देखने वाले कई युवा ग्लैमर और सफलता की कहानियां सुनते हैं, लेकिन बिहार मूल के उद्यमी उत्कर्ष नंदा ने इसकी कड़वी हकीकत सामने रख दी है। सैन फ्रांसिस्को में अपनी कंपनी बनाने में जुटे उत्कर्ष ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर कर बताया कि पिछले दो साल से वह अपने मां-बाप से नहीं मिल पाए हैं। अपने निजी संघर्षों के बारे में उद्यमी ने बताया कि अपनी कंपनी बनाने के लिए उन्हें अनगिनत घंटे एक छोटे से कमरे में अकेले बिताने पड़े। अपने प्लेटफॉर्म को बनाते समय 20 किलोग्राम से अधिक वजन बढ़ने और सोडा पर अत्यधिक निर्भरता को स्वीकार करते हुए उन्होंने सोशल मीडिया पर लोगों के दिलों को छू लिया।
इंस्टाग्राम पर शेयर किया गया वीडियो
इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर @the_architect_sirius नामक हैंडल से शेयर किया गया है। इस वीडियो में उन्होंने बताया कि, उनकी जिंदगी घंटों एक छोटे से कमरे में बैठकर काम करने में बीतती है। उन्होंने यह भी बताया कि वे दो साल से अधिक समय से अपने माता-पिता से मिलने नहीं गए हैं। जैसे-जैसे वीडियो आगे बढ़ता है, वह डाइट कोका-कोला की खाली बोतलें दिखाते हैं और कहते हैं कि पिछले कुछ महीनों में उसका वजन 20 किलो से अधिक बढ़ गया है। वीडियो को “केवल 10 लाख डॉलर का निवेश ही मेरी आत्मा को बचा सकता है” कैप्शन से शेयर किया गया है।
यूजर्स ने दी प्रतिक्रियाएं
इस वीडियो को देखने के बाद कई यूजर्स ने इस पर प्रतिक्रियाएं दी हैं। एक यूजर ने पूछा कि, “आप क्या बना रहे हैं?” इस पर उत्कर्ष ने जवाब दिया कि, “trymindhub.com। फिलहाल, हम लोगों के AI प्रश्नों को कैनवास पर बेहतर ढंग से व्यवस्थित करने में मदद करते हैं और स्वचालित रूप से एक निरंतर बढ़ता हुआ ज्ञान भंडार बनाते हैं। आगे हम लोगों के AI प्रश्नों के आधार पर एक सोशल नेटवर्क बना रहे हैं, ChatGPT और LinkedIn का मिलाजुला रूप समझिए।”
दूसरे ने लिखा कि, ‘यह बात इतनी प्रासंगिक क्यों लग रही है?’
तीसरे ने लिखा कि, ‘भइया, इतना सच नहीं बोलना था।’
चौथे ने लिखा कि, “लेकिन एक मिलियन डॉलर के स्टार्टअप का नेतृत्व कर रहे हो ना?” उत्कर्ष ने जवाब दिया, “हां, ब्रो, हम जल्द ही बड़े धमाके करने वाले हैं।”
गौरतलब है कि, इससे पहले एक भारतीय लड़की ने दुबई में हाईफाई जिंदगी के पीछे के त्याग के बारे में बताया था।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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