पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद भी SIR को लेकर घमासान मचा है। आज जमीयत उलेमा हिंद के नेता दूसरे मस्लिम संगठनों के कार्यकर्ताओं के साथ सड़क पर उतरे। पश्चिम बंगाल में जमीयत उलेमा के अध्यक्ष सिद्दीकुल्ला चौधरी ने कहा कि SIR के जरिए बंगाल के लाखों मुसलमानों का नाम वोटर लिस्ट से काट दिए गए। अब लोग अपना नाम वोटर लिस्ट में जुड़वाने के लिए ट्रिब्यूनल के चक्कर काट रहे हैं। लेकिन वहां कोई सुनवाई नहीं हो रही। सिद्दीकुल्ला चौधरी ने कहा कि हर जिल में ट्रिब्यूनल का दफ्तर खुलना चाहिए और टाइम बाउंड मैनर में डिस्प्यूट्स का निपटारा होना चाहिए। अगर चुनाव आयोग ने ये मांग नहीं मानी तो बंगाल के लोग खामोश नहीं बैठेंगे।
कोर्ट ने शर्तों के साथ दी थी रैली की मंजूरी
आपको बता दें कि इससे पहले कलकत्ता हाई कोर्ट ने सोमवार को जमीयत ए उलेमा को कुछ शर्तों के साथ रैली आयोजित करने की मंजूरी दे दी थी। कोर्ट द्वारा संगठन को मंगलवार को 11:30 बजे से दोपहर 1 बजे तक राजाबाजार से मौलाली इलाके तक रैली निकालने की अनुमति दी थी। हाई कोर्ट ने कहा था कि रैली में अधिकतम 750 लोग शामिल हो सकते हैं। इस दौरान लाउडस्पीकर के इस्तेमाल की अनुमति नहीं होगी और केवल हाथ में पकड़े जाने वाले माइक का प्रयोग ही करना पड़ेगा।
सुप्रीम कोर्ट पहुंचे अधीर रंजन चौधरी
आपको बता दें कि SIR के मुद्दे पर कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। अधीर रंजन की अपील पर सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को डिटेल रिप्लाई फाइल करने को कहा है। कोर्ट ने चुनाव आयोग से पूछा है कि ट्राइब्यूनल ने अब तक कितने केसेज का निपटारा किया है और इस प्रोसेस में तेजी लाने के लिए चुनाव आयोग ने क्या कदम उठाए हैं। अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के दखल के बाद उन्हें न्याय की उम्मीद जगी है।
25 अगस्त को होगी अगली सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी.मोहना की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया है। अदालत ने अधीर रंजन चौधरी की याचिका पर अगली सुनवाई के लिए 25 अगस्त की तारीख तय की है।
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