शेयर बाजार में शुक्रवार को दो नई कंपनियों की शानदार एंट्री हुई। LEAP India Ltd और Technocraft Ventures Ltd ने लिस्टिंग के दिन निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींचा। सप्लाई चेन एसेट पूलिंग कंपनी लीप इंडिया के शेयर करीब 4% प्रीमियम पर लिस्ट हुए, जबकि इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी टेक्नोक्राफ्ट वेंचर्स ने 34% से ज्यादा की छलांग लगाकर बाजार में डेब्यू किया। टेक्नोक्राफ्ट वेंचर्स के शेयरों में लिस्टिंग के बाद तेजी और भी बढ़ गई।
लीप इंडिया ने 4% प्रीमियम पर की शुरुआत
लीप इंडिया के आईपीओ का इश्यू प्राइस ₹159 प्रति शेयर था। शुक्रवार को बीएसई पर कंपनी के शेयर ₹166 पर लिस्ट हुए, यानी इश्यू प्राइस से करीब 4.40% ऊपर। एनएसई पर शेयर ने ₹165.90 पर शुरुआत की, जो करीब 4.33% का प्रीमियम है। लिस्टिंग के बाद कंपनी का मार्केट कैप करीब ₹6,530.95 करोड़ रहा। लीप इंडिया का ₹2,480 करोड़ का आईपीओ अंतिम दिन तक 8.38 गुना सब्सक्राइब हुआ था। आईपीओ का प्राइस बैंड ₹151 से ₹159 प्रति शेयर रखा गया था।
टेक्नोक्राफ्ट वेंचर्स ने मारी 34% की छलांग
टेक्नोक्राफ्ट वेंचर्स ने लिस्टिंग के मामले में लीप इंडिया से भी ज्यादा जोरदार प्रदर्शन किया। कंपनी का इश्यू प्राइस ₹212 प्रति शेयर था। BSE पर शेयर ₹285 पर लिस्ट हुआ, यानी करीब 34.43% का प्रीमियम। एनएसई पर भी शेयर ने ₹284 पर शुरुआत की, जो इश्यू प्राइस से करीब 33.96% ज्यादा है। खास बात यह रही कि लिस्टिंग के बाद शेयर की तेजी और बढ़ गई और यह ₹334.60 तक पहुंच गया, जो इश्यू प्राइस से करीब 57.83% ऊपर है।
38.69 गुना सब्सक्राइब हुआ था आईपीओ
टेक्नोक्राफ्ट वेंचर्स के ₹251.88 करोड़ के आईपीओ को निवेशकों की जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली थी। बोली के आखिरी दिन तक यह इश्यू 38.69 गुना सब्सक्राइब हुआ था। आईपीओ का प्राइस बैंड ₹200 से ₹212 प्रति शेयर था। कंपनी नए शेयर जारी कर जुटाई गई रकम में से करीब ₹150 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों के लिए इस्तेमाल करेगी। बाकी राशि सामान्य कॉरपोरेट कामकाज और आईपीओ से जुड़े खर्चों में लगाई जाएगी।
क्या काम करती है टेक्नोक्राफ्ट वेंचर्स?
टेक्नोक्राफ्ट वेंचर्स एक इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) कंपनी है, जिसकी शुरुआत 1998 में हुई थी। कंपनी पानी और वेस्टवॉटर इंफ्रास्ट्रक्चर, सड़क एवं हाईवे, इलेक्ट्रिकल ट्रांसमिशन, शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर और पब्लिक यूटिलिटी के संचालन एवं रखरखाव जैसे काम करती है। कंपनी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान और दिल्ली समेत कई राज्यों में सरकारी विभागों और एजेंसियों के लिए प्रोजेक्ट करती है। इसके अलावा मध्य प्रदेश, बिहार और ओडिशा में भी इसका कारोबार बढ़ा है।









