पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राज्य के विकास को ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य से जोड़ते हुए बड़ा बयान दिया। कोलकाता के रेड रोड पर आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह के बाद अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि समृद्ध और विकसित पश्चिम बंगाल ही विकसित भारत की कुंजी है। उन्होंने राज्य के हर क्षेत्र को तेजी से आगे बढ़ाने और बंगाल का पुराना गौरव वापस लाने पर जोर दिया। इस दौरान 14 आईपीएस (IPS) अधिकारियों को उत्कृष्ट सेवाओं के लिए मेडल भी दिए गए।
विकसित बंगाल पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार की प्राथमिकता पश्चिम बंगाल का पुराना गौरव वापस लाना है। उन्होंने रोजगार के अधिक अवसर पैदा करने, महिलाओं को सशक्त बनाने और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर करने की बात कही। इसके साथ ही कानून-व्यवस्था मजबूत करते हुए राज्य के हर हिस्से का समग्र विकास करने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि बंगाल को विकास और समृद्धि के मामले में फिर ऊंचे स्तर पर ले जाना सरकार का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री ने लोगों से राजनीतिक मतभेदों को पीछे छोड़कर पश्चिम बंगाल को भारत का एक प्रमुख और समृद्ध राज्य बनाने के लिए मिलकर काम करने की अपील की।
श्यामा प्रसाद मुखर्जी को किया याद
अधिकारी ने स्वतंत्रता और देश के विभाजन के दौर को याद करते हुए भारतीय जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी और भारत सेवाश्रम संघ के संस्थापक स्वामी प्रणवानंद के योगदान का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दोनों ने विभाजन के दौरान बंगाल को भारत का हिस्सा बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण प्रयास किए थे।
स्वतंत्रता सेनानियों को नमन
तिरंगा फहराने के बाद मुख्यमंत्री ने बंगाल की धरती से जुड़े स्वतंत्रता संग्राम के नायकों को भी याद किया। उन्होंने ऋषि अरविंद, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और खुदीराम बोस के योगदान का उल्लेख किया। इसके अलावा उन्होंने मातंगिनी हाजरा और बीना दास जैसी वीर महिलाओं और क्रांतिकारी राष्ट्रवादियों के योगदान को भी याद किया।
पहली बार साथ बजे दोनों गीत
इस साल ‘वंदे मातरम्’ की रचना के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर पश्चिम बंगाल के स्वतंत्रता दिवस समारोह में पहली बार राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ को राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के साथ बजाया गया। समारोह में यह प्रमुख आकर्षण रहा।
14 आईपीएस अधिकारी सम्मान
राष्ट्रीय ध्वज फहराने से पहले मुख्यमंत्री ने गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण किया। इसके बाद उत्कृष्ट सेवाओं के लिए 14 आईपीएस अधिकारियों को मेडल देकर सम्मानित किया गया। समारोह में कोलकाता पुलिस, रक्षा बलों और अर्धसैनिक बलों की टुकड़ियों ने संयुक्त रूप से परेड में हिस्सा लिया।
झांकियों में दिखी बंगाल की तस्वीर
रेड रोड पर आयोजित परेड में सुरक्षा बलों की टुकड़ियों ने मार्च पास्ट किया। परेड में कई रंग-बिरंगी झांकियां शामिल हुईं। इनमें श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती को समर्पित झांकी प्रमुख रही। अन्नामृत मिड-डे मील, कन्यारत्न, अन्नपूर्णा, आयुष्मान आरोग्य मंदिर, दुर्गाशक्ति वाहिनी, कोलकाता पुलिस और कोलकाता नगर निगम से जुड़ी झांकियां भी प्रदर्शित की गईं। पर्यटन और परिवहन विभागों ने भी दो झांकियां पेश कीं, जिनमें पश्चिम बंगाल की विरासत, पर्यटन और सड़क सुरक्षा से जुड़ी पहल दिखाई गई।
नेताजी की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद उन्होंने रेड रोड स्थित पुलिस स्मारक पहुंचकर शहीद पुलिसकर्मियों को भी सम्मान दिया। पूरे स्वतंत्रता दिवस समारोह में देशभक्ति के साथ बंगाल की सांस्कृतिक विरासत और राज्य की विकास योजनाओं की झलक देखने को मिली।
(इनपुट- पीटीआई)
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