नई दिल्ली: बीजेपी में संगठन के अंदर बहुत बड़ा बदलाव हुआ है। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को उनकी नई टीम मिल गई है। आज बीजेपी ने कई नेताओं को संगठन में बड़ी जिम्मेदारी दी है।
नितिन नवीन की नई टीम में राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का नाम भी शामिल है। वसुंधरा राजे सिंधिया को उपाध्यक्ष बनाया गया है तो वहीं उनके साथ ही तीरथ सिंह रावत, राम माधव और बैजयंत जय पांडा को भी पार्टी उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इस लिस्ट में पीयूष गोयल का भी नाम है जिन्हें राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। बीजेपी ने अपने अगले मिशन के लिए नितिन नवीन की टीम तैयार कर दी है। 7 महीने पहले पार्टी की कमान संभालने वाले नितिन नवीन पर बड़ी जिम्मेदारी होगी और उनकी सबसे पहली अग्निपरीक्षा 2027 में होने वाली है क्योंकि 2027 में यूपी समेत 7 राज्यों में चुनाव होने हैं।
चर्चा में स्मृति ईरानी का कमबैक

Image Source : INDIA TVस्मृति ईरानी
नितिन नवीन की टीम में स्मृति ईरानी की एंट्री की खूब चर्चा है। पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय महामंत्री बनाया गया है। स्मृति ईरानी के आने से नितिन नवीन की नई टीम अब बेहद आक्रामक होगी।
स्मृति ईरानी बीजेपी की कद्दावर महिला लीडर हैं। 2019 के चुनाव में उन्होंने राहुल गांधी को अमेठी से हराया था। वो 5 अहम मंत्रालय संभाल चुकी हैं। हालांकि 2024 का चुनाव हारने के बाद स्मृति ईरानी लो प्रोफाइल हो गईं थीं लेकिन अब वो दोबारा लौट रही हैं।
अगले साल यूपी में इलेक्शन है। ऐसे में बीजेपी स्मृति ईरानी को जोरदार तरीके से यूपी में उतारेगी। उनकी धारदार शैली और आक्रामक तेवर चुनाव में बीजेपी के लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं।
बीजेपी की नई टीम से जुड़े प्रमुख बिंदु
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- लंबे समय से एबीवीपी कार्यकर्ता रहे विनोद तावड़े को उनके कुशल सांगठनिक क्षमता के लिए फिर से महामंत्री बनाया गया
- पश्चिम बंगाल में भारी विजय दिलाने वाले सुनील बंसल को दुबारा महामंत्री की जिम्मेदारी
- आदिवासी समाज के गजेंद्र पटेल को मिली महामंत्री की जिम्मेदारी
- पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं प्रखर वक्ता स्मृति ईरानी की महामंत्री के रूप में वापसी
- संघ के प्रचारक रहे लेखक-चिंतक राम माधव की उपाध्यक्ष के रूप में वापसी
- उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सांसद, युवा नेत्री संगीता यादव बनी राष्ट्रीय सचिव
- उत्तर-पूर्व से युवा नेता मृगांक बर्मन बने राष्ट्रीय सचिव
- 3 पूर्व मुख्यमंत्रियों को भाजपा की राष्ट्रीय टीम में शामिल किया गया है — वसुंधरा राजे सिंधिया, तीरथ सिंह रावत, बिप्लव देब
समाज के सभी वर्गों और क्षेत्रों को उचित प्रतिनिधित्व-
- चुनावी राज्य उत्तर प्रदेश से आने वाले हरीश द्विवेदी बने राष्ट्रीय महासचिव
- करीब 40+% सदस्य वंचित समाज से है
- नागालैंड से राज्यसभा सांसद फांगनोन कोन्याक को राष्ट्रीय सचिव की जिम्मेदारी दी गई है
- त्रिपुरा से पूर्व मुख्यमंत्री एवं युवा नेता बिप्लव देव बने राष्ट्रीय महामंत्री
- आंध्र प्रदेश से डी पुरंदेश्वरी बनी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और तमिलनाडु के मा व्यंकटेशन बने राष्ट्रीय सचिव
संगठन और प्रोफेशनल विशेषज्ञता का उचित समन्वय
- पूर्व संगठन मंत्री सुनील बंसल पुनः बने संगठन मंत्री वहीं और राम माधव की टीम में वापसी
- जेएनयू में एबीवीपी कार्यकर्ता रहे और वर्तमान में दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ स्वदेश सिंह बने भाजपा की नई टीम में राष्ट्रीय सचिव
- कैंसर स्पेशलिस्ट डॉ मधुचंद्रा कर बनी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
- कर्नाटक के प्रोफेसर M नागराज बने राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
- राष्ट्रीय टीम बनाने में भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन को मिला प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री, गृह मंत्री सहित सभी वरिष्ठ नेताओं का सहयोग
- नई टीम में निरंतरता के साथ परिवर्तन का संतुलन
- 40 से कम उम्र के 6 सदस्य, 40 से 49 की उम्र के 15 सदस्य और 50 से 59 के 21 सदस्य को राष्ट्रीय टीम में स्थान
- 2029 के चुनाव की जरूरतों को ध्यान में रखकर टीम का गठन
कुछ पदाधिकारियों की प्रोफाइल-
वसुंधरा राजे सिंधिया- राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
- राजघराने से जुड़ी नेता, ग्वालियर के सिंधिया राजपरिवार की सदस्य
- उनके भाई स्वर्गीय माधवराव सिंधिया थे
- राजस्थान की पहली महिला मुख्यमंत्री
- लंबा राजनीतिक सफर: 1984 में भाजपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी की सदस्य बनीं
- झालावाड़ से कई बार सांसद चुनी गईं
- अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में मंत्री रहीं
तीरथ सिंह रावत- राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
- उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रहे
- उत्तराखंड के पहले शिक्षा मंत्री रहे
- 1983 से 1988 तक RSS के प्रचारक रहे
रेखा वर्मा- राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
- धौराहरा सीट से दो बार सांसद रहीं
- मुख्य रूप से लखीमपुर खीरी की रहने वालीं
- यूपी बीजेपी में कद्दावर महिला नेता
मनप्रीत सिंह बादल- राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
- पंजाब के पूर्व वित्त मंत्री रह चुके हैं
- पंजाब में रिकॉर्ड 9 बार बजट पेश किया
- पंजाब विधानसभा के 5 बार सदस्य रहे हैं
भारती प्रवीण पवार- राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
- पूर्व केंद्रीय मंत्री रह चुकी हैं
- भाजपा महाराष्ट्र की प्रदेश उपाध्यक्ष हैं
- केंद्रीय स्वास्थ्य परिवार कल्याण राज्य मंत्री रहीं
- डिंडोरी (ST) सीट से 2019 में पहली बार MP बनीं
- बीजेपी में आने से पहले NCP में थीं
- नासिक क्षेत्र से केंद्रीय मंत्री बनने वाली पहली महिला नेता
प्रो. तारिक मंसूर- राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
- वर्तमान में उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य
- पसमांदा मुस्लिम समुदाय के बीच मजबूत पकड़
- AMU के पूर्व कुलपति रह चुके हैं
लाल सिंह आर्य- राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
- BJP राष्ट्रीय अनुसूचित जाति मोर्चा के अध्यक्ष रहे
- एमपी में बीजेपी के सबसे दलित चेहरे
- गोहद (SC) सीट से 3 बार विधायक रहे
डॉ. मधुचंद्र कर-राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
- पश्चिम बंगाल BJP की प्रदेश उपाध्यक्ष रही हैं
- जमीनी कार्यकर्ता के रूप में पहचान
- बंगाल में बीजेपी को जिताने में अहम भूमिका
स्मृति ईरानी- राष्ट्रीय महामंत्री
- शानदार वक्ता और फायर ब्रांड बीजेपी नेता
- 2019 में राहुल गांधी को अमेठी से हराया
- केंद्र में 5 अहम मंत्रालय संभाल चुकी हैं स्मृति
- HRD मंत्री और कपड़ा मंत्री रहीं
- सूचना एवं प्रसारण मंत्री भी रहीं
- महिला एवं बाल विकास मंत्री भी रहीं
- अल्पसंख्यक कार्य मंत्री भी रहीं
- राजनीति से पहले सफल टीवी एक्ट्रेस
- 2003 में BJP से जुड़कर राजनीति में कदम रखा
संजय भाटिया- राष्ट्रीय महामंत्री
- हरियाणा बीजेपी के वरिष्ठ नेता
- लंबे समय से संगठन में एक्टिव
- पंजाबी समुदाय से आते हैं
- ABVP का बैकग्राउंड
- हरियाणा के प्रदेश महामंत्री रहे
- मनोहर लाल खट्टर के करीबी
- 2019 में करनाल से लोकसभा सांसद बने
- 2026 में हरियाणा से राज्यसभा सांसद
- आई.बी. कॉलेज पानीपत से बी.कॉम
सुनील बंसल- राष्ट्रीय महामंत्री
- बीजेपी में संगठन के वरिष्ठ नेता
- राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी
- 2022 में राष्ट्रीय महासचिव बने
- चुनावी रणनीति बनाने में माहिर
- पश्चिम बंगाल जीत में बड़ी भूमिका
- मूल रूप से राजस्थान के रहने वाले
- वैश्य समुदाय से ताल्लुक
- राष्ट्रीय महासचिव के तौर पर एक्टिव
- ABVP से सियासी सफर की शुरुआत
हरीश द्विवेदी- राष्ट्रीय महामंत्री
- यूपी में बीजेपी का ब्राह्मण चेहरा
- 2014 और 2019 में बस्ती से सांसद
- 2024 से असम में बीजेपी प्रभारी
- राजनीति विज्ञान में एमए की डिग्री
- ABVP से राजनीतिक शुरुआत
- BJPYM के यूपी प्रदेश अध्यक्ष भी रहे
विनोद तावड़े- राष्ट्रीय महामंत्री
- महाराष्ट्र बीजेपी के वरिष्ठ नेता
- 2021 से बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव
- महाराष्ट्र से राज्यसभा सांसद
- महाराष्ट्र के बड़े मराठा नेता
- फडणवीस सरकार में मंत्री रहे
- संगठन में अहम पदों पर रहे हैं
विप्लव देव- राष्ट्रीय महामंत्री
- त्रिपुरा के मुख्यमंत्री रह चुके हैं
- 2022 में राज्यसभा सासंद बने
- त्रिपुरा BJP के अध्यक्ष रह चुके हैं
बी. एल. संतोष- राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन)
- लंबे समय तक RSS से जुड़े रहे
- संगठन के नेटवर्क को संभालने का ज़िम्मा
- कार्यकर्ता तंत्र को संभालने का काम
- बेंगलुरु से इंजीनियरिंग की पढ़ाई
संदीप- राष्ट्रीय महामंत्री
- अभी राज्यसभा से सांसद हैं
- AAP छोड़कर बीजेपी में आए हैं
- IIT दिल्ली में असिस्टेंट प्रोफेसर रह चुके हैं
- कैंब्रिज यूनिवर्सिटी से Ph.D कर चुके हैं
- संगठन और चुनावी रणनीति के विशेषज्ञ
- AAP में राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) थे
सतीश पूनिया, राष्ट्रीय महामंत्री, बीजेपी
- सामान्य कार्यकर्ता के तौरा पर शुरुआत की
- जब भी जो जिम्मेदारी मिली, उसे पूरा किया
- सामान्य कार्यकर्ता को इतनी बड़ी भूमिका दी
- पार्टी जो भी काम देगी उसे निभागउंगा
डॉ. हेमांग जोशी- मोर्चा अध्यक्ष
- गुजरात के वडोदरा से सांसद
- BJYM गुजरात के अध्यक्ष भी रहे
- यूथ को करीब लाने की ज़िम्मेदारी
रूप कुमारी चौधरी- महिला मोर्चा अध्यक्ष
- छत्तीसगढ़ में महासमुंद सीट से लोकसभा MP
- 2013 में बसना सीट से MLA बनीं
- छत्तीसगढ़ BJP की प्रदेश उपाध्यक्ष भी रह चुकी हैं
दीपक मह्सके, आईटी सेल के चीफ, बीजेपी
- छत्तीसगढ़ से ताल्लुक
- अमित मालवीय की जगह मिली
- आईटी सेल की जिम्मेदारी
तरुण चुघ- राष्ट्रीय कार्यालय प्रभारी
- मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद
- राष्ट्रीय महासचिव की भूमिका निभाई
- जम्मू-कश्मीर में बीजेपी के मुख्य प्रभारी हैं
पूरी लिस्ट यहां देखें-
नितिन नवीन की नई टीम का 3 बड़े चैलेंज से होगा सामना
- पहला चैलेंज 2027 का है। 2027 में यूपी समेत 7 राज्यों में चुनाव हैं।
- दूसरा चैलेंज 2028 का है। 2028 में मध्य प्रदेश, राजस्थान, कर्नाटक, तेलंगाना समेत 9 राज्यों में चुनाव हैं।
- तीसरा चैलेंज 2029 का होगा। 2029 में लोकसभा चुनाव है।
नितिन नवीन और उनकी नई टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती उत्तर प्रदेश का चुनाव है। बीजेपी अध्यक्ष के सामने ये बड़ा टारगेट है। लोकसभा चुनाव में जिस तरह से बीजेपी की सीटें घटी थीं, उसके बाद विधानसभा चुनाव में नितिन नवीन उसे कैसे कवर करते हैं, इस पर सबकी नजर होगी। इसके अलावा उत्तराखंड,गोवा, गुजरात, मणिपुर में बीजेपी को जीत दोहरानी होगी। वहीं पंजाब और हिमाचल के लिए भी नई टीम नई रणनीति पर काम करेगी।
नितिन नवीन की टीम में 3 पूर्व सीएम भी शामिल हैं। ऐसे में टीम को एक लंबे राजनीतिक अनुभव वाले नेता भी मिलेंगे।
आने वाले समय में कब कहां पर हो सकते हैं चुनाव?
| राज्य | संभावित चुनाव | अभी किसकी सरकार? |
| उत्तर प्रदेश | फरवरी–मार्च | बीजेपी |
| उत्तराखंड | फरवरी–मार्च | बीजेपी |
| पंजाब | फरवरी–मार्च | AAP |
| गोवा | फरवरी–मार्च | बीजेपी |
| मणिपुर | फरवरी–मार्च | गठबंधन (NDA) |
| हिमाचल प्रदेश | नवंबर–दिसंबर | कांग्रेस |
| गुजरात | नवंबर–दिसंबर | बीजेपी |
बीजेपी का संगठनात्मक ढांचा किन 7 स्तरों पर काम करता है?
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- राष्ट्रीय स्तर (National Level): पार्टी की शीर्ष इकाई है, जो पूरे देश के लिए नीतियां और चुनावी फैसले तय करती है।
- प्रदेश स्तर (State Level): राज्य इकाई है, जो राष्ट्रीय रणनीतियों को राज्यों में लागू करने और राज्य चुनावों की कमान संभालती है।
- क्षेत्रीय स्तर (Regional Level): बड़े राज्यों में कई जिलों के बीच बेहतर तालमेल और निगरानी के लिए बने जोन।
- जिला स्तर (District Level): जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों में संगठन और अभियानों का संचालन करने वाली इकाई।
- मंडल स्तर (Mandal Level): कुछ पंचायतों या शहरी वार्डों को मिलाकर बना ब्लॉक स्तर, जो स्थानीय जनता से सीधा संवाद रखता है।
- शक्ति केंद्र (Cluster Level): 3 से 6 पोलिंग बूथों का समूह, जो मंडल और बूथ कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय बनाता है।
- स्थानीय व बूथ स्तर (Grassroots Level): संगठन की सबसे बुनियादी इकाई (बूथ कमेटी व पन्ना प्रमुख), जो सीधे मतदाताओं से संपर्क बनाए रखती है।
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