हरियाणा परिवहन निदेशालय ने रोडवेज विभाग में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियों को लेकर नई व्यवस्था के तहत सख्त निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अब किसी भी कर्मचारी को सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना आकस्मिक अवकाश (CL) या अन्य किसी प्रकार की छुट्टी पर जाने की अनुमति नहीं होगी। बिना स्वीकृति के ड्यूटी से अनुपस्थित रहने को अनुशासनहीनता की श्रेणी में रखा जाएगा और संबंधित कर्मचारी के खिलाफ विभागीय नियमों के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।
छुट्टी लेने से पहले लिखित अनुमति लेना अनिवार्य
निदेशालय के निर्देशों के मुताबिक, छुट्टी की जरूरत होने पर कर्मचारी या अधिकारी को ड्यूटी से अनुपस्थित होने से पहले संबंधित सक्षम अधिकारी से लिखित अनुमति लेना अनिवार्य होगा। इसका मकसद विभागीय कामकाज को व्यवस्थित बनाए रखना और कर्मचारियों की गैरहाजिरी के कारण होने वाली परेशानियों को कम करना है।
आपात स्थिति में फोन या WhatsApp पर देनी होगी सूचना
हालांकि, किसी कर्मचारी या अधिकारी के सामने अचानक ऐसी आपात स्थिति उत्पन्न हो जाती है, जिसमें पहले से छुट्टी की अनुमति लेना संभव नहीं है, तो उसके लिए अलग व्यवस्था की गई है। ऐसी स्थिति में ग्रुप ‘ए’ और ग्रुप ‘बी’ के अधिकारियों को उसी दिन निदेशक को फोन अथवा WhatsApp के माध्यम से अपनी अनुपस्थिति की जानकारी देनी होगी। वहीं, ग्रुप ‘सी’ और ग्रुप ‘डी’ के कर्मचारियों को संबंधित JDST को फोन या WhatsApp के जरिए सूचना देनी होगी। सूचना देते समय छुट्टी पर जाने का कारण भी स्पष्ट रूप से बताना होगा।
अवकाश लेने के लिए तय फॉर्म भी भरना होगा
विभाग ने यह भी साफ किया है कि केवल फोन या WhatsApp पर सूचना देना ही अंतिम स्वीकृति नहीं माना जाएगा। आपात स्थिति के कारण छुट्टी लेने वाले कर्मचारी को ड्यूटी पर वापस लौटने के बाद नियमानुसार औपचारिक रूप से अवकाश का अनुमोदन करवाना होगा। इसके अलावा, परिवहन निदेशालय ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि छुट्टी के लिए आवेदन निर्धारित प्रपत्र पर ही प्रस्तुत किए जाएं। तय फॉर्म के अलावा अन्य तरीके से दिए गए अवकाश आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
अधिकारियों को निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने को कहा
विभाग का मानना है कि इन निर्देशों से रोडवेज डिपो और कार्यालयों में कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। अचानक होने वाली गैरहाजिरी से कामकाज प्रभावित नहीं होगा। अधिकारियों को भी निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।
क्यों उठाए गए ये कदम?
विभाग से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, कुछ डिपो में कर्मचारियों के बिना पूर्व सूचना ड्यूटी से अनुपस्थित रहने के मामले सामने आ रहे थे। अचानक कर्मचारियों की गैरहाजिरी से बसों की संचालन व्यवस्था प्रभावित होती थी, कई बार रूटों के शेड्यूल में बदलाव करना पड़ता था और यात्रियों को भी परेशानी झेलनी पड़ती थी। रोडवेज संचालन को व्यवस्थित बनाए रखने और बस सेवाओं को निर्बाध जारी रखने के उद्देश्य से परिवहन मंत्री अनिल विज तथा विभागीय निदेशालय स्तर पर अवकाश व्यवस्था को लेकर सख्ती बरतने का निर्णय लिया गया है।
नए आदेश से कर्मियों पर सख्ती
राज्य मुख्यालय के निर्देशानुसार, यमुनानगर डिपो के महाप्रबंधक (General Manager) और ड्यूटी इंस्पेक्टर (Duty Inspector) को भी निर्देश दिए गए हैं कि कोई भी Driver या Conductor बिना पूर्व स्वीकृत आकस्मिक अवकाश (Casual Leave) के ड्यूटी से नदारद न रहे, अन्यथा उनके खिलाफ चार्जशीट जारी की जाएगी। इससे पहले, हरियाणा रोडवेज ने बीपीएल कार्ड वाले परिवारों को बस में फ्री सफर का तोहफा दिया था।
(इनपुट- कुलवंत सिंह)
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