भारतीय शेयर बाजार में 27 अगस्त को लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में भारी बिकवाली देखने को मिली। दिनभर के उतार-चढ़ाव के बाद बाजार के दोनों मुख्य सूचकांक लाल निशान पर बंद हुए। आज की इस गिरावट में बैंकिंग, ऑटो और आईटी शेयरों का बड़ा हाथ रहा, जिसके चलते निवेशकों के करोड़ों रुपये डूब गए।
कारोबार के अंत में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 539.35 अंक यानी 0.70% टूटकर 76,933.59 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 भी 116.90 अंक (0.48%) गिरकर 24,090.85 पर आ गया। बाजार की चौड़ाई भी आज नकारात्मक रही। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में बाजार में बिकवाली का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि कुल 2,392 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए, जबकि 1,736 शेयरों में तेजी रही और 167 शेयर बिना किसी बदलाव के स्थिर रहे।
सबसे ज्यादा टूटने वाले शेयर
गिरावट की अगुवाई हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, HDFC बैंक (-1.75%), महिंद्रा एंड महिंद्रा (1.65%), HCL टेक्नोलॉजीज (-0.99%) और श्रीराम फाइनेंस ने की। इसके अलावा NTPC (-1.58%), इंडिगो (-1.17%), एयरटेल (-0.86%), SBI (-0.75%), ITC (-0.74%) और रिलायंस (-0.73%) में भी दबाव देखा गया।
इन शेयर ने दर्ज की तेजी
बाजार में गिरावट के बावजूद कोटक महिंद्रा बैंक (+1.84%), अदानी पोर्ट्स (+1.33%), टेक महिंद्रा (+1.27%), ICICI बैंक (+1.20%), एशियन पेंट्स (+0.93%), टाइटन (+0.89%), भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL +0.77%), सन फार्मा (+0.56%), सिप्ला और अदानी एंटरप्राइजेज में अच्छी खरीदारी देखने को मिली।
सेंसेक्स के टॉप गेनर और टॉप लूजर्स की लिस्ट
| टॉप गेनर शेयर | बदलाव | टॉप लूजर शेयर | बदलाव |
| कोटक महिंद्रा बैंक | +1.84% | HDFC बैंक | -1.75% |
| अदानी पोर्ट्स | +1.33% | महिंद्रा एंड महिंद्रा | -1.65% |
| टेक महिंद्रा | +1.27% | NTPC | -1.58% |
| ICICI बैंक | +1.20% | इंडिगो | -1.17% |
| एशियन पेंट्स | +0.93% | HCL टेक्नोलॉजीज | -0.99% |
सेक्टोरल इंडेक्स का हाल
आज के कारोबार में कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और फार्मा सेक्टर ने बाजार को संभालने की थोड़ी कोशिश की और ये इंडेक्स लगभग 1-1 फीसदी चढ़कर बंद हुए। दूसरी तरफ, मीडिया, मेटल, ऑयल एंड गैस, पीएसयू बैंक, ऑटो और एफएमसीजी सेक्टर्स 0.4% से 0.9% तक गिरकर बंद हुए। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी बिकवाली के दबाव से अछूते नहीं रहे और मामूली गिरावट के साथ बंद हुए। विश्लेषकों का मानना है कि ग्लोबल मार्केट से मिले-जुले संकेतों और बड़े शेयरों में मुनाफावसूली के कारण भारतीय बाजार में यह दबाव बना हुआ है।
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