भारतीय शेयर बाजार में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) का भरोसा धीरे-धीरे लौटता दिखाई दे रहा है। एफपीआई ने अगस्त में भारतीय शेयर बाजार में 30,919 करोड़ रुपये का निवेश किया है। इसके साथ ही विदेशी निवेशकों की खरीदारी का सिलसिला लगातार दूसरे महीने भी जारी रहा। FPI ने जुलाई में भी घरेलू बाजार में 20,200 करोड़ रुपये का निवेश किया था।
FPI ने मार्च से लेकर जून तक लगातार 4 महीने तक की थी निकासी
विदेशी निवेशकों की लगातार दो महीने की खरीदारी को बाजार में संभावित रुख बदलने का शुरुआती संकेत माना जा रहा है। CDSL के आंकड़ों के अनुसार, इससे पहले एफपीआई ने मार्च से जून तक भारतीय शेयर बाजार से भारी निकासी की थी। मार्च में उन्होंने 1,17,000 करोड़ रुपये, अप्रैल में 60,847 करोड़ रुपये, मई में 32,963 करोड़ रुपये और जून में 49,340 करोड़ रुपये निकाले थे। हालांकि, फरवरी में एफपीआई ने 22,615 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे थे।
इस साल 2,23,000 करोड़ रुपये की निकासी कर चुके हैं विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक
हालांकि, साल 2026 में अब तक विदेशी निवेशक भारतीय शेयर बाजार से कुल मिलाकर 2,23,000 करोड़ रुपये की निकासी कर चुके हैं। ये आंकड़ा साल 2025 में दर्ज 1,66,000 करोड़ रुपये की निकासी से काफी ज्यादा है।
आखिर कैसे और क्यों बदल रहा FPIs का मूड
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इंवेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी.के. विजयकुमार के अनुसार, भारत में एफपीआई निवेश बढ़ने के प्रमुख कारणों में चिप कारोबार में आया बदलाव, रुपये की स्थिरता और भारतीय कंपनियों के मुनाफे में सुधार शामिल हैं। मॉर्निंगस्टार इन्वेस्टमेंट रिसर्च इंडिया के हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा कि जून तिमाही में कंपनियों के वित्तीय नतीजों में सुधार के संकेत मिले हैं। इससे मुनाफे में सुस्ती को लेकर पहले बनी चिंताएं कुछ कम हुई हैं। इसके अलावा इकोनॉमिक एक्टिविटी में मजबूती और क्रेडिट ग्रोथ में सुधार ने भी भारत की लॉन्ग टर्म इकोनॉमी को लेकर विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है।
बॉन्ड मार्केट में भी निवेशकों का भरोसा कायम
डेट या बॉन्ड मार्केट में भी निवेशकों का भरोसा कायम है। अगस्त में उन्होंने पूर्ण पहुंच मार्ग (Full Access Route) के जरिए बॉन्ड मार्केट में 627 करोड़ रुपये का निवेश किया है। वहीं, स्वैच्छिक प्रतिधारण मार्ग (Voluntary Retention Route) के जरिए 289 करोड़ रुपये का निवेश आया है। हालांकि, जनरल रूट से उन्होंने 2318 करोड़ रुपये की निकासी की है।
ये भी पढ़ें
भारती एयरटेल के मार्केट कैप में ₹40,500.85 करोड़ की भारी गिरावट- रिलायंस, एचडीएफसी बैंक को भी नुकसान









