शिक्षकों के लिए आदेश जारी
आईएएस सीके अनिल की ओर से जारी आदेश के मुताबिक अब शिक्षकों को औपचारिक कपड़ों में ही आना होगा। जींस और टी शर्ट पहनकर विद्यालय आने की अनुमति नहीं होगी। इसे लेकर सीके अनिल की ओर से सख्त निर्देश जारी किया गया है। उन्होंने डीईओ को इसे सख्ती से अनुपालन में लाने के लिए पत्र जारी कर दिया है। शिक्षा विभाग के मुताबिक पहले भी शिक्षकों और गैर शिक्षक कर्मियों को पहनावे को लेकर आदेश जारी किये गए थे। लेकिन इसका पालन नहीं किया जा रहा था। अब ऐसा नहीं करने वाले पर कार्रवाई की जाएगी।
ध्यान रहे कि स्कूल में कुछ शिक्षक साधारण जींस और टीशर्ट में स्कूल आ जाते हैं। उसके अलावा विभाग के निर्देशों का पालन नहीं कर रहे हैं। अब कार्यालय अवधि और स्कूल की अवधि में उन्हें फॉर्मल ड्रेस ही पहनना होगा। इसके अलावा स्कूल में डीजे और डिस्को जैसी गतिविधियों पर पूरी तरह लगाम लगाने का आदेश दिया गया है। सीके अनिल ने कहा है कि ऐसे आयोजनों पर तुरंत रोक लगाने की जरूरत है। उससे शिक्षा का माहौल प्रभावित होता है। शालीनता बनाए रखना जरूरी है।
शिक्षकों को करना होगा इन नियमों का पालन
बिहार के स्कूलों में शिक्षकों को जो इच्छा करे, उसे पहनकर स्कूल आने पर पूरी तरह रोक रहेगी।
स्कूल के शिक्षक औपचारिक ड्रेस यानी शर्ट और पैंट फॉर्मल पहनकर ही स्कूल आएंगे और पढ़ाएंगे।
स्कूली बच्चों के सामने शिक्षक ऐसा पहनावा प्रदर्शित नहीं करेंगे, जिससे उन पर बुरा असर पड़े।
स्कूलों में डीजे और लाउड साउंड के साथ किसी भी ध्वनि विस्तारक यंत्र को नहीं प्ले करना होगा।
स्कूलों में सरस्वती पूजा या अन्य अवसरों पर डीजे के संचालन और उसके बजाने पर पूरी तरह रोक रहेगी।
स्कूलों में परंपरागत संगीत की शिक्षा और वाद्ययंत्रों का प्रयोग पूर्व की भांति जारी रहेगा।
स्कूल में शिक्षकों के साथ बच्चों को शालीनता बनाए रखना होगा। इसके लिए डीईओ को पत्र जारी किया गया है।
जींस टी शर्ट पहनने पर रहेगी रोक
आईएएस सीके अनिल की ओर से जारी आदेश के मुताबिक संगीत के साथ स्कूलों में नृत्य के कार्यक्रम को पूरी तरह बंद नहीं किया गया है। शिक्षा कैलेंडर में तय विशेष अवसरों पर ही ऐसे कार्यक्रम को आयोजित किया जाएगा। इन मौकों पर भी कार्यक्रम अनुशासित तरीके से करने होंगे। इसके अलावा स्कूल परिसरों में इस तरह के आयोजन पर प्रतिबंध रहेगा। अपर मुख्य सचिव की ओर से इस बाबत बिहार के सभी जिला शिक्षा पदाधिकारी को अवगत करा दिया गया है। विद्यालय में शालीनता और गरिमा को बनाये रखना शिक्षकों की जिम्मेदारी होगी।








