कर्नाटक में वेटनरी ऑफिसर और सिविल पुलिस भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी का आरोप, प्रियंक खरगे बोले- ’25 दिन भूख हड़ताल करो, फिर इस्तीफा दूंगा’

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कर्नाटक में वेटनरी ऑफिसर की भर्ती में गड़बड़ी का आरोप लगा है। कर्नाटक लोक सेवा आयोग ने 17 जुलाई को वेटनरी अफसर के 400 पदों के लिए सक्सेसफुल कैंडिडेट्स की लिस्ट निकाली थी लेकिन जिन लोगों ने ये एक्जाम दिया था उनमें के कुछ लोगों ने सबूतों के साथ दावा किया कि भर्ती पैसा लेकर की गई है और OMR शीट को बदला गया है। ये मामला हाई कोर्ट में गया। सबूत देखने के बाद हाई कोर्ट ने भी कहा कि ये दिनदहाड़े धोखाधड़ी का केस है। सरकार ने भी भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी और मामले की जांच CID को सौंप दी है। इस मामले में SIT का गठन भी कर दिया गया है। हाई कोर्ट ने 6 अगस्त तक SIT को जांच रिपोर्ट सबमिट करने को कहा है.

छात्रों ने क्या आरोप लगाए?

दरअसल, उम्मीदवारों का आरोप है कि वेटनरी ऑफिसर की एक-एक पोस्ट 80 लाख से 1 करोड़ रुपये में बेची गई। कैंडिडेट्स ने ही बिचौलियों का स्टिंग ऑपरेशन किया। ऑडियो रिकॉर्डिंग, वीडियो और तस्वीरें जारी की। इस मामले में कर्नाटक पुलिस ने दो बिचौलियों, सिकंदर चौधरी और आरिफ मोहम्मद मुल्ला को गिरफ्तार भी किया है।

सिविल पुलिस भर्ती परीक्षा में भी हंगामा

कर्नाटक में रविवार को सिविल पुलिस भर्ती की परीक्षा भी हुई थी। इस परीक्षा में भी हंगामा हुआ। इस परीक्षा के माध्यम से कुल 1453 पद भरे जाने थे। परीक्षा दे रहे नौजवानों ने आरोप लगाया कि क्वेश्चन पेपर और OMR शीट का नंबर मैच नहीं कर रहा है। इसके बाद हंगामा हुआ, बहुत से स्टूडेंट्स ने एक्जाम का बॉयकॉट किया लेकिन कर्नाटक एक्जामिनेशन अथॉरिटी ने पेपर लीक के आरोपों का खंडन किया है। अथॉरिटी का कहना है कि ये पेपर लीक का मामला नहीं है। OMR शीट का नंबर, पेपर के नंबर से मैच करे ये जरूरी नहीं है। छात्रों को कन्फ्यूजन हुआ, उसे दूर कर दिया गया है। लेकिन केन्द्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे ने कहा कि कर्नाटक सरकार की गड़बड़ी पकड़ी गई। अब इसे दबाने की कोशिश हो रही है। इस मामले की CBI जांच होनी चाहिए।

प्रियंक खरगे का हैरान करने वाला जबाव

बीजेपी ने कर्नाटक के होम मिनिस्टर प्रियंक खरगे के इस्तीफे की भी मांग की है, लेकिन प्रियंक खरगे ने हैरान करने वाला जबाव दिया। प्रियंक खरगे ने कहबा- “पहले छात्र धरने पर बैठें, 25 दन तक भूखे रहें, फिर लाठीचार्ज होगा, तब उनके इस्तीफे का नंबर आएगा। क्योंकि धर्मेंद्र प्रधान ने भी इतना सब होने के बाद ही इस्तीफा दिया था।” प्रियंक खरगे ने कर्नाटक में बीजेपी सरकार के दौरान हुए पेपर लीक का जिक्र करते हुए कहा कि अपनी सरकार के वक्त बीजेपी ने मंत्रियों का इस्तीफा क्यों नहीं लिया था।

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