अमेठी ने सुनी एके-203 ‘शेर’ की दहाड़, फायरिंग ट्रायल में सफल; जानें राइफल की खासियत

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Highlights

  • अमेठी में बनी स्वदेशी AK-203 ‘शेर’ ने फायरिंग ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा किया।
  • AK-203 ‘शेर’ 7.62×39 मिमी कारतूस वाली आधुनिक और भरोसेमंद असॉल्ट राइफल है।
  • अमेठी में 6.01 लाख AK-203 राइफलों के उत्पादन का 2021 में हुआ था करार।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के अमेठी से देश के रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में बड़ी खबर सामने आई है। अमेठी के कोरवा स्थित इंडो-रशियन राइफल्स प्राइवेट लिमिटेड यानी कि IRRPL की फैक्ट्री में बनी पूरी तरह स्वदेशी AK-203 राइफल ‘शेर’ ने फायरिंग ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री कार्यालय ने बुधवार को इसकी जानकारी देते हुए X पर बताया कि भारत ने आयात पर निर्भरता खत्म करने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए पूरी तरह स्वदेशी AK-203 ‘शेर’ का फायरिंग ट्रायल किया है।

‘भारत की आत्मनिर्भरता में अहम योगदान दे रहा यूपी’

CMO ऑफिस ने X पर लिखा कि उत्तर प्रदेश के अमेठी के कोरवा में इंडो-रशियन राइफल्स प्राइवेट लिमिटेड में निर्मित पूरी तरह स्वदेशी AK-203 ‘शेर’ ने अपने फायरिंग ट्रायल सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय ने कहा कि सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है और साथ ही राज्य देश को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। CMO ने लिखा,

‘योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में एक अग्रणी केंद्र के रूप में उभर रहा है और भारत की आत्मनिर्भरता की यात्रा में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।’

AK-203 ‘शेर’ की क्या हैं खासियतें?

AK-203 को भारत और रूस के संयुक्त प्रयास से भारत में तैयार किया जा रहा है। सरकार के मुताबिक, IRRPL को भारत में AK-203 के स्वदेशी उत्पादन के लिए स्थापित किया गया है। अमेठी के कोरवा में इसके उत्पादन की सुविधाएं तैयार की गई हैं। रूस की सरकारी रक्षा निर्यात कंपनी रोसोबोरोनएक्सपोर्ट के मुताबिक, AK-203, AK-200 सीरीज का 7.62×39 मिमी कारतूस वाला संस्करण है। इस सीरीज की प्रमुख खूबियों में विश्वसनीयता, लंबे समय तक उपयोग की क्षमता और रखरखाव में आसानी शामिल हैं। इसे आधुनिक जरूरतों के हिसाब से बेहतर एर्गोनॉमिक्स और अतिरिक्त उपकरण लगाने की क्षमता के साथ तैयार किया गया है।

UP CMO, AK 203

Image Source : X.COM/CMOFFICEUPयूपी के CMO ने रायफल की टेस्टिंग के बारे में जानकारी दी है।

भारत ने 2021 में किया था कॉन्ट्रैक्ट

भारत सरकार ने दिसंबर 2021 में IRRPL के साथ 6,01,427 AK-203 राइफलों की खरीद का अनुबंध किया था। इन राइफलों का उत्पादन अमेठी के कोरवा में हो रहा है। सरकार ने यह भी बताया था कि AK-203 का स्वदेशीकरण भारतीय रक्षा बलों के लिए असॉल्ट राइफलों के मामले में आत्मनिर्भरता बढ़ाने में मदद करेगा। यह ‘आत्मनिर्भर भारत’ की सोच के अनुरूप है। रोसोबोरोनएक्सपोर्ट के अनुसार, जुलाई 2024 तक IRRPL ने भारत में निर्मित 35,000 AK-203 राइफलें भारतीय रक्षा मंत्रालय को सौंप दी थीं। कंपनी ने यह भी बताया था कि परियोजना का लक्ष्य भारत में AK-203 के उत्पादन को 100 प्रतिशत स्थानीय बनाने का है। (ANI से इनपुट्स के साथ)

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Author: Kaushal kumar

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