क्या आपके बाल भी बार-बार फ्रिजी, रूखे और बेजान हो जाते हैं? अगर हां, तो इसकी वजह सिर्फ मौसम नहीं, बल्कि गलत हेयर केयर रूटीन भी हो सकता है। ऐसे में सिर्फ महंगे हेयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करना काफी नहीं है, बल्कि बालों की सही देखभाल करना भी जरूरी है। डर्मफॉलिक्स हेयर ट्रांसप्लांट एंड स्किन क्लिनिक की फाउंडर, एमबीबीएस, एमडी, डर्मेटोलॉजिस्ट एवं एस्थेटिक फिजिशियन डॉ. आंचल पंथ बता रही हैं कि बाल फ्रिजी क्यों हो जाते हैं और और उसकी केयर कैसे करें?
हेयर फ्रिजी क्यों होता है?
अगर आप बहुत ज़्यादा हीट टूल्स का इस्तेमाल करते हैं? कर्लिंग या स्ट्रेटनिंग मशीन का इस्तेमाल करते हैं तो इससे हेयर क्यूटिकल्स डैमेज हो जाते हैं। अगर आप हेयर डाई का इस्तेमाल करते हैं तब भी इस समस्या का सामना करना पड़ सकता है। हेयर डाई में ब्लीचिंग होता है जो बालो को फ्रिजी करता है। अगर आप हफ्ते में तीन से ज़्यादा बार बालों को धोते हैं इसके अलावा अगर आप बहुत ज़्यादा धूप में रहते हैं तो यह भी हेयर फ्रिजी होने का एक मुख्य कारण हो सकता है।
कैसे करें फ्रिजी हेयर की केयर:
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बाल धोने से पहले लगाएं तेल: अगर आप के बाल बहुत ज़्यादा घने, फ्रिजी और वेवी हैं तो उन्हें धोने से पहले आप नारियल के तेल का इस्तेमाल करें। बाल धोने से एक घंटे पहले अपने बालों पर तेल लगाएं। नारियल तेल बालों की नमी को बनाए रखता है और शैंपू से होने वाले रूखेपन से बचाता है।
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शैम्पू: आप सल्फेट फ्री शैम्पू का इस्तेमाल करें और बाल धोते समय इस बात का ध्यान रखें कि आपका स्कैल्प पूरी तरह से गीला हो। यानी पहले अपने बालों को एकदम गीला करें उसके बाद शैम्पू का इस्तेमाल करें। साथ ही बालों पर शैम्पू सर्कल मोशन में नहीं करना है। ऐसा करने से बाल आपस में उलझते हैं, कमजोर होते हैं और टूटने लगते हैं। इसलिए अपनी उँगलियों के टिप से मांग निकालकर स्कैल्प को साफ करना है।
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कंडीशनर: शैंपू के बाद बालों की मिड-लेंथ से लेकर एंड्स तक कंडीशनर जरूर लगाएं। इसे 2–3 मिनट तक बालों पर रहने दें और फिर पानी से धो लें। कंडीशनर बालों की नमी बनाए रखने, क्यूटिकल्स को स्मूद करने और फ्रिज को कम करने में मदद करता है।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।









