बेंगलुरु: कांग्रेस के सीनियर लीडर और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ इंस्टाग्राम पर कथित तौर पर अश्लील और अपमानजनक पोस्ट तथा कमेंट करने के मामले में एफआईआर दर्ज की गई है। बेंगलुरु सिटी साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में यह एफआईआर दर्ज की गई है। एक इंस्टाग्राम पेज और कई यूजर्स के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इसकी शिकायत कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) लीगल सेल के सदस्य सिद्दाराजू की ओर से 27 जुलाई को दर्ज कराई गई थी।
25 जुलाई को मिला था आपत्तिजनक वीडियो
एफआईआर के मुताबिक शिकायतकर्ता सिद्दाराजू को 25 जुलाई को एक आपत्तिजनक वीडियो मिला था। इस वीडियो को कथित तौर पर 16 जुलाई को ‘ground.reality_india’ नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट से पोस्ट किया गया था। करीब 30 सेकंड के इस वीडियो में राहुल गांधी की तस्वीर के साथ कथित रूप से बेहद आपत्तिजनक और अश्लील भाषा का इस्तेमाल किया गया था।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू की
शिकायत में पोस्ट पर कमेंट करने वाले कुछ यूजर्स का भी जिक्र किया गया है। आरोपों के मुताबिक इन टिप्पणियों में गाली-गलौज और अश्लील भाषा का इस्तेमाल किया गया। पुलिस ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 67 और भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 352 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
सरकार पर राहुल का हमलावर रुख
बता दें कि राहुल गांधी दिल्ली के जंतर मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के बाद से केंद्र सरकार पर और ज्यादा हमलावर हो गए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास के बाहर भी धरना दिया था। वहीं शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को वे पर्याप्त नहीं बता रहे हैं। उनके निशाने पर गृह मंत्री और प्रधानमंत्री भी हैं। आज उन्होंने लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा और छात्रों पर लाठीचार्ज के लिए सीधे तौर पर उन्हें जिम्मेदार ठहरा दिया जिसके चलते सदन में भारी हंगामा हुआ। वहीं शाम में 6 बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके उन्होंने एक बार फिर केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा।
गृह मंत्री को बर्खास्त करने की मांग
राहुल गांधी ने दिल्ली में छात्रों के साथ हुई बर्बरता के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जिम्मेदार हैं और उन्हें पद से बर्खास्त किया जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में उच्चाधिकार-प्राप्त समिति से जांच कराए जाने की भी मांग की। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि उन्हें लोकसभा में अपनी बात रखने की अनुमति नहीं दी गई, जबकि सत्ता पक्ष के सदस्यों को बोलने दिया गया। उन्होंने कहा, ”मुझे कहा गया कि यदि मैं माफी मांग लूं तो मुझे बोलने दिया जाएगा। पहली बात, मैं बीजेपी, आरएसएस या उनसे जुड़े किसी भी व्यक्ति से कभी माफी नहीं मांगूंगा।
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