बेंगलुरु की एक महिला का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। इसमें वो खुद सड़क का गड्ढा भरने की कोशिश करती दिखी। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही सिविक सेंस बनाम सार्वजनिक सुरक्षा को लेकर यूजर्स के बीच बहस छिड़ गई है। वीडियो में हेलमेट पहने महिला व्यस्त सड़क पर बने एक बड़े गड्ढे में सीमेंट से भरे दो बोरे सीधे डालती हुई दिखाई दे रही है और फिर उसे भरने की कोशिश करती है। जहां एक ओर कई लोगों ने उनकी इस पहल की सराहना की तो वहीं, कुछ लोगों ने यह भी कहा कि सूखे सीमेंट या मिट्टी जैसी अनुचित सामग्री का उपयोग करने से सड़क यात्रियों, विशेषकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए और भी खतरनाक हो सकती है।
एक्स पर सामने आया वीडियो
इस वीडियो को एक्स पर @sanatan_kannada नामक हैंडल से शेयर किया गया है। इस वीडियो ने तुरंत ही लोगों को प्रतिक्रिया देने पर मजबूर कर दिया। वीडियो के कैप्शन में लिखा है कि, ‘एक मां के दिल ने वो कर दिखाया जो अधिकारी नहीं कर पाए। बेंगलुरु की खतरनाक सड़कों के गड्ढों से तंग आकर उसने खुद मिट्टी लाकर सड़क भर दी। जीबीए और शहरी विकास मंत्री को शर्म आनी चाहिए कि उन्होंने नागरिकों को सरकार का काम करने के लिए मजबूर किया। ये शासन नहीं है, ये तो पूरी तरह से नाकामयाबी है।’
यूजर्स के बीच छिड़ गई बहस
इस वीडियो को देखने के बाद सैकड़ों लोगों ने प्रतिक्रियाएं दी हैं। हालांकि कई यूजर्स ने शहर के जर्जर बुनियादी ढांचे को लेकर उनकी निराशा से सहमति जताई वहीं कई यात्रियों ने अस्थायी सड़क मरम्मत के खतरों पर प्रकाश डाला। एक यूजर ने लिखा कि, ‘यह सड़क कल खुल जाएगी। बेंगलुरु ट्रैफिक पुलिस (बीटीपी) समेत जो लोग सीमेंट और ईंटों से सड़क की मरम्मत करते हैं, उन्हें इस तरह गड्ढे भरना बंद कर देना चाहिए, क्योंकि इससे सड़क पर खतरा बढ़ जाता है।’
दूसरे ने लिखा कि, ‘इसका सबसे अच्छा उदाहरण लेक रोड है, जहां एक गड्ढे को सीमेंट से भरा गया था, लेकिन अब वह गड्ढा खुद से भी ज्यादा खतरनाक हो गया है।’
आलोचना के जवाब में, @sanatan_kannada ने इस पद्धति की खामी को स्वीकार करते हुए महिला के इरादे का बचाव किया और लिखा कि, ‘हम जानते हैं कि यह कोई समाधान नहीं है। क्या सरकार, जो छोटे-मोटे कामों की भी परवाह नहीं करती, कम से कम इस मामले में तो जागेगी और सड़कों के गड्ढों को ठीक से भरेगी ताकि जनता सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से यात्रा कर सके?’
दूसरे ने लिखा कि, ‘मैंने एक मां को अपनी बेटी को प्लेस्कूल छोड़ते हुए देखा। उसके बाद, उसने अपनी स्कूटी स्टार्ट की और एक छिपे हुए गहरे गड्ढे को न देख पाने के कारण गिर गई। शुक्र है कि उसके आसपास कोई तेज़ गति से नहीं चल रहा था, और राहगीरों ने तुरंत उसकी मदद की। बेंगलुरु का बुनियादी ढांचा बेहद खराब है।’
एक अन्य ने टिप्पणी की, ‘जवाबदेही तय करने के लिए बेंगलुरु में कम से कम एक सप्ताह तक विरोध प्रदर्शन होना चाहिए। इन नौकरशाहों और ठेकेदारों पर शर्म आती है। ये तभी बदलेंगे जब इन्हें जवाबदेह ठहराया जाएगा।’
गौरतलब है कि, इससे पहले ट्रेन में गंदगी फैलाती महिला का वीडियो वायरल हुआ था। इसमें उसने ट्रेन में गंदगी फैलाने के बाद वहीं हाथ धो लिए थे।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
ये भी पढ़ें –
ऋषिकेश में कांच के पुल पर ट्रॉली बैग लेकर चलते दिखे लोग, व्लॉगर ने की आलोचना; Video हो रहा वायरल









